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अब चमकदार प्लास्टिक पाउच में नहीं मिलेगा पान मसाला! FSSAI ने बदले पैकेजिंग के नियम

 

पान मसाला खाने वालों के लिए बड़ी खबर है। पान मसाला की पैकेजिंग को लेकर नए नियम लागू किए गए हैं। अब कंपनियां पान मसाला पैक करने के लिए ऐसे कागज या किसी अन्य मटेरियल का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगी, जिस पर प्लास्टिक या एल्युमिनियम फॉइल की परत चढ़ी हो। यानी बाजार में नजर आने वाले चमकदार प्लास्टिक पाउच की जगह अब पर्यावरण के अनुकूल पैकेजिंग को बढ़ावा दिया जाएगा।

प्लास्टिक और फॉइल वाली पैकिंग पर रोक

नए नियमों के मुताबिक पान मसाला की पैकिंग में पॉलीथीन, PVC या एल्युमिनियम फॉइल की कोटिंग वाले मटेरियल का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। पैकेजिंग को प्लास्टिक-मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल रखने पर जोर दिया गया है।

इसका सीधा असर पान मसाला कंपनियों की पैकेजिंग पर देखने को मिलेगा। कंपनियों को ऐसे विकल्प अपनाने होंगे, जिनसे प्लास्टिक कचरे को कम किया जा सके और पर्यावरण पर पड़ने वाले नुकसान को घटाया जा सके।

किन चीजों में पैक हो सकेगा पान मसाला?

नए नियमों के तहत पान मसाला की पैकिंग के लिए कुछ वैकल्पिक सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है। इनमें—

  • बिना प्लास्टिक या एल्युमिनियम कोटिंग वाला सादा कागज
  • नेचुरल और पर्यावरण-अनुकूल मटेरियल
  • छोटे धातु के टीन डिब्बे
  • कांच की बोतल या डिब्बे

शामिल हैं। हालांकि, पैकेजिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली सामग्री को संबंधित खाद्य सुरक्षा और पर्यावरणीय नियमों का पालन करना होगा।

कंपनियों को प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट नियम भी मानने होंगे

पान मसाला बनाने वाली कंपनियों के लिए सिर्फ पैकेजिंग सामग्री बदलना ही पर्याप्त नहीं होगा। उन्हें प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़े नियमों का भी पालन करना होगा। इसका उद्देश्य पान मसाला पैकेजिंग से पैदा होने वाले कचरे को कम करना और उसके उचित निपटारे को सुनिश्चित करना है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

पान मसाला आमतौर पर चमकदार प्लास्टिक पाउच में बेचा जाता है। ऐसी पैकेजिंग से बड़ी मात्रा में प्लास्टिक कचरा पैदा होता है, जिसे पर्यावरण के लिए नुकसानदायक माना जाता है। इसी समस्या को देखते हुए पैकेजिंग में प्लास्टिक और एल्युमिनियम फॉइल के इस्तेमाल को लेकर सख्ती की गई है।

सरकार की ओर से इस बदलाव को लागू करने से पहले लोगों और संबंधित पक्षों से सुझाव भी लिए गए। अब कंपनियों को नई पैकेजिंग व्यवस्था के अनुरूप अपने उत्पाद तैयार करने होंगे।