खान सर और रौशन सर मामले पर पप्पू यादव की बड़ी प्रतिक्रिया, बोले- 'यह अहंकार की लड़ाई है'...
पटना में चर्चित खान सर और रौशन सर विवाद को लेकर पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने दोनों शिक्षकों को सम्मानित बताते हुए कहा कि कोचिंग संस्थानों की प्रतिस्पर्धा को व्यक्तिगत लड़ाई या "मलयुद्ध" का रूप नहीं दिया जाना चाहिए।
पप्पू यादव ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा कोई नई बात नहीं है और न ही यह कोई अपराध है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त है, जबकि दूसरे शिक्षक ने भी पिछले कुछ वर्षों में अपने ज्ञान और शिक्षण शैली से बड़ी पहचान बनाई है। ऐसे में दोनों के ज्ञान और योगदान पर सवाल उठाने का कोई औचित्य नहीं है।
"शिक्षकों को अपराधियों की तरह पेश करना गलत"
सांसद ने कहा कि कुछ लोग इस विवाद का आनंद ले रहे हैं और पूरे मामले को अनावश्यक रूप से बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षक को अपराधी की तरह पेश करना उचित नहीं है। कानून अपना काम करे, लेकिन बिना पूरी जांच के किसी की छवि खराब नहीं की जानी चाहिए।
"यह अहंकार की लड़ाई बन गई है"
पप्पू यादव ने कहा कि मौजूदा विवाद कहीं न कहीं अहंकार और वर्चस्व की लड़ाई का रूप ले चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि शिक्षक और डॉक्टर जैसे पेशों से जुड़े लोगों को आखिर बाउंसर रखने की जरूरत क्यों पड़ रही है। उनका कहना था कि शिक्षा का क्षेत्र ज्ञान और संस्कार का क्षेत्र है, न कि शक्ति प्रदर्शन का।
विवाद की प्रमुख घटनाएं
मामले की शुरुआत 2 जून को हुई, जब खान सर की कोचिंग के बाहर फायरिंग और मारपीट की घटना सामने आई। इसके बाद 3 जून को एक अन्य कोचिंग संस्थान से जुड़े लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और कुछ गिरफ्तारियां भी हुईं। 4 जून को फायरिंग से जुड़ा एक नया वीडियो सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने खान सर के दो सुरक्षा कर्मियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की। मामले की जांच अभी भी जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
छात्रों से पुलिस की अपील
पुलिस प्रशासन ने छात्रों से किसी भी अफवाह या उकसावे में न आने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यह दो कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद का मामला है और कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई की जा रही है।
निजी नर्सिंग होम पर भी साधा निशाना
इस दौरान पप्पू यादव ने मुजफ्फरपुर के एक अस्पताल में आग लगने की घटना का जिक्र करते हुए बिहार में संचालित निजी नर्सिंग होमों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में निजी अस्पताल सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग से इस मामले को गंभीरता से लेने की मांग करते हुए कहा कि प्रदेश में बिना पर्याप्त मानकों के कई नर्सिंग होम और कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं, जिनकी नियमित जांच आवश्यक है।