धीरज धर्म मित्र अरु नारी..इस्तीफे के बाद चंपत राय की पहली प्रतिक्रिया, बोले- आरोपों का जवाब अंतिम रिपोर्ट के बाद दूंगा
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के कथित मामले को लेकर उठे विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पत्र साझा करते हुए कहा कि वह फिलहाल मौन हैं, लेकिन विशेष जांच दल (SIT) की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद सभी आरोपों का क्रमवार जवाब देंगे।
चंपत राय ने अपने पोस्ट की शुरुआत रामचरितमानस की प्रसिद्ध चौपाई से की- धीरज धर्म मित्र अरु नारी, आपद काल परिखिअहिं चारी। इस चौपाई के जरिए उन्होंने संकेत दिया कि वर्तमान समय उनके लिए कठिन है और वह धैर्य के साथ इस दौर का सामना कर रहे हैं।
धीरज धर्म मित्र अरु नारी,
— Champat Rai (@ChampatRaiVHP) July 7, 2026
आपद काल परिखिअहिं चारी। pic.twitter.com/PHtGs95ass
'मुझ पर कई निराधार आरोप लगाए गए'
अपने पत्र में चंपत राय ने लिखा कि 7 जून 2026 से राम मंदिर परिसर के दानपात्र की गणना के दौरान हुई कथित चोरी को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं और व्यक्तिगत रूप से उन पर भी कई निराधार आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसी कारण उन्होंने अब तक मौन बनाए रखा है।
अंतिम रिपोर्ट के बाद दूंगा जवाब
उन्होंने आगे लिखा कि 6 जुलाईको ट्रस्ट की बैठक में SIT की प्राथमिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जो अब सार्वजनिक हो चुकी है, जबकि इसे 'परम गोपनीय' रखा गया था। उन्होंने भरोसा दिलाया कि SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद फैलाए जा रहे सभी आरोपों और सवालों का तथ्यों के साथ जवाब देंगे। चंपत राय ने लिखा, सारा सच सामने आ जाएगा।
45 साल के प्रचारक जीवन का किया उल्लेख
अपने पत्र में उन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उन्हें अक्टूबर 1991 में अयोध्या भेजा गया था और उनका 45 वर्षों का प्रचारक जीवन पूरी तरह सार्वजनिक रहा है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां उन्होंने कार्य किया, उनका जीवन एक खुली किताब की तरह रहा है।
पोस्ट के अंत में चंपत राय ने सभी लोगों को आदरपूर्वक नमन करते हुए विश्वास जताया कि अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी।