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पटना हाई कोर्ट को पहली बार मिली इतनी दमदार महिला चीफ जस्टिस! कौन हैं जस्टिस मीनाक्षी एम राय?

केंद्र सरकार ने जस्टिस मीनाक्षी एम. राय को पटना हाई कोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है। वर्तमान चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू के रिटायर होने के बाद वह पदभार संभालेंगी। जस्टिस राय सिक्किम की पहली महिला न्यायिक अधिकारी भी रह चुकी हैं।

 

Who is Justice Meenakshi M Rai: बिहार की न्यायपालिका में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने जस्टिस मीनाक्षी एम. राय को पटना हाई कोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। वर्तमान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संगम कुमार साहू के सेवानिवृत्त होने के बाद अब जस्टिस मीनाक्षी राय पटना हाई कोर्ट की कमान संभालेंगी।

यह नियुक्ति कई मायनों में खास मानी जा रही है, क्योंकि जस्टिस मीनाक्षी राय पूर्वोत्तर भारत की सबसे अनुभवी महिला न्यायाधीशों में शामिल हैं और उनका न्यायिक करियर तीन दशक से अधिक लंबा रहा है।

कॉलेजियम की बैठक में लिया गया फैसला

जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की 22 मई 2026 को हुई बैठक में जस्टिस मीनाक्षी एम. राय के नाम पर सहमति बनी थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी प्रदान कर दी। अब वह देश के सबसे पुराने और महत्वपूर्ण हाई कोर्ट्स में शामिल पटना हाई कोर्ट की नई मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभालेंगी।

क्यों हुआ यह बदलाव?

पटना हाई कोर्ट के मौजूदा मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संगम कुमार साहू आगामी 4 जून 2026 को रिटायर हो रहे हैं। उन्होंने इसी वर्ष जनवरी में मुख्य न्यायाधीश का पद संभाला था।

62 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद उनके सेवानिवृत्त होने के चलते नए मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई थी। अब उनकी जगह जस्टिस मीनाक्षी एम. राय लेंगी।

कौन हैं जस्टिस मीनाक्षी एम. राय?

जस्टिस मीनाक्षी मदन राय का जन्म 12 जुलाई 1964 को हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा सिक्किम में हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित लेडी श्री राम कॉलेज से राजनीति विज्ञान में ऑनर्स की पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा के बाद उन्होंने कैंपस लॉ सेंटर, दिल्ली विश्वविद्यालय से वर्ष 1989 में एलएलबी की डिग्री हासिल की।

1990 में दिल्ली बार एसोसिएशन में पंजीकरण कराने के बाद उन्होंने वकालत शुरू की और दिल्ली हाई कोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट में भी प्रैक्टिस की।

सिक्किम की पहली महिला न्यायिक अधिकारी बनने का गौरव

जस्टिस मीनाक्षी राय ने 11 दिसंबर 1990 को सिक्किम न्यायिक सेवा जॉइन की थी। इसके साथ ही वह सिक्किम राज्य के इतिहास की पहली महिला न्यायिक अधिकारी बनीं।

अपने लंबे न्यायिक करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण संवैधानिक और प्रशासनिक मामलों की सुनवाई की। उनकी पहचान सख्त लेकिन संतुलित फैसलों के लिए मानी जाती है।

न्यायपालिका के लिए क्यों अहम मानी जा रही नियुक्ति?

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार जस्टिस मीनाक्षी राय की नियुक्ति केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि भारतीय न्यायपालिका में महिला नेतृत्व को और मजबूत करने की दिशा में भी बड़ा कदम है।

सिक्किम हाई कोर्ट से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक उनके अनुभव को देखते हुए माना जा रहा है कि वह पटना हाई कोर्ट में कई प्रशासनिक और न्यायिक सुधारों को आगे बढ़ा सकती हैं।

अब सबकी नजर नए कार्यकाल पर

पटना हाई कोर्ट देश के सबसे व्यस्त न्यायालयों में से एक माना जाता है, जहां बड़ी संख्या में लंबित मामलों का दबाव रहता है। ऐसे में जस्टिस मीनाक्षी राय के सामने न्यायिक व्यवस्था को और तेज व प्रभावी बनाने की बड़ी चुनौती होगी।