PM भगवान नहीं, मजाक लोकतंत्र का हिस्सा, साइबर एक्शन पर CJP प्रवक्ता सौरव दास का सरकार पर निशाना
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई और सोशल मीडिया पोस्ट हटाए जाने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली समेत कई बीजेपी शासित राज्यों में छात्रों को हिरासत में लिया जा रहा है और उनके खिलाफ बड़ी संख्या में एफआईआर दर्ज की जा रही हैं।
आजतक से बातचीत में सौरव दास ने कहा कि केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया था कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस ली जाएंगी और भविष्य में भी उनके खिलाफ किसी तरह की प्रतिशोधात्मक कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस आश्वासन को लिखित रूप में देने की बात कही थी और अब वे उस पत्र का इंतजार कर रहे हैं।
'कई राज्यों से मिल रही कार्रवाई की खबरें'
सौरव दास ने दावा किया कि देश के विभिन्न राज्यों से छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में करीब 500 एफआईआर दर्ज किए जाने और गंभीर धाराएं लगाने की जानकारी मिली है। उनके अनुसार, सरकार को युवाओं से किए गए वादों का पालन करना चाहिए और यह आश्वासन सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि बीजेपी और उसके सहयोगी दलों की सरकार वाले सभी राज्यों में लागू होना चाहिए।
सोशल मीडिया पोस्ट हटाने पर उठाए सवाल
दिल्ली पुलिस द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों वाली सोशल मीडिया पोस्ट हटवाने की कार्रवाई पर भी सौरव दास ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी मजाक या टिप्पणी को आपत्तिजनक मानने का पैमाना अलग-अलग हो सकता है। उनके अनुसार, यदि पुलिस को इस तरह की छूट दी जाएगी तो इसका इस्तेमाल सेंसरशिप के औजार के रूप में किया जा सकता है।
उन्होंने कहा, "अगर किसी ने प्रधानमंत्री पर हल्का-फुल्का मजाक कर दिया तो क्या प्रधानमंत्री भगवान हैं? लोकतंत्र में मजाक भी अभिव्यक्ति का हिस्सा है।"
'सरकार सेंसरशिप नहीं, वादों पर ध्यान दे'
सौरव दास ने आरोप लगाया कि सरकार बीते वर्षों में सेंसरशिप बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान दे रही है, जबकि उसे प्रदर्शनकारी छात्रों से किए गए वादों को पूरा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दिए गए आश्वासन केवल CJP के लिए नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं के लिए हैं जिन्होंने देशभर में आंदोलन किया था।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार अपने वादों को पूरा नहीं करती है तो युवाओं को दोबारा सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। उनके अनुसार, फिलहाल प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से हट गए हैं, लेकिन यदि स्थिति नहीं बदली तो आंदोलन फिर शुरू हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि देश का युवा अब पहले से अधिक जागरूक और एकजुट है।