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'PM मोदी ने छोटी बहन कहा...' PM ताकाइची का भावुक बयान, भारत-जापान दोस्ती को मिली नई मजबूती

 

New Delhi : बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता के बीच जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने भारत-जापान संबंधों को नई ऊंचाई देने पर जोर दिया। गुरुवार को हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि दोनों देशों को अपनी-अपनी ताकत का उपयोग करते हुए मिलकर समृद्धि और स्थिरता के लिए काम करना चाहिए।

प्रधानमंत्री ताकाइची ने गर्मजोशी से स्वागत के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी द्वारा उन्हें "छोटी बहन" कहे जाने से वह बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि भारत और जापान की सोच काफी हद तक समान है और दोनों देश भाई-बहन की तरह अपने संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा नया आयाम

जापानी प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत और जापान के बीच सहयोग पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए तीन प्रमुख क्षेत्रों पर सहमति जताई।

उन्होंने हाल ही में अपडेट की गई फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक (FOIP) नीति का जिक्र करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य आत्मनिर्भरता और क्षेत्रीय लचीलेपन को बढ़ावा देना है।

समुद्री सुरक्षा पर बढ़ेगा सहयोग

ताकाइची ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की 'ग्रेट ओशन' पहल और जापान की एफओआईपी नीति एक-दूसरे के पूरक हैं। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनाई है।

उन्होंने जानकारी दी कि जापान की मैरीटाइम सेल्फ-डिफेंस फोर्स का एक डिस्ट्रॉयर और भारतीय नौसेना का एक युद्धपोत संयुक्त अभियान में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा हिंद महासागर में संयुक्त नौसैनिक अभ्यास बढ़ाए जाएंगे और नेवल मेंटेनेंस, रिपेयर तथा 'मेक इन इंडिया' के तहत रक्षा उत्पादन में भी सहयोग को विस्तार दिया जाएगा।

'विकसित भारत' पहल की सराहना

जापानी प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी की 'विकसित भारत' पहल की सराहना करते हुए कहा कि दोनों देश भविष्य को ध्यान में रखते हुए निवेश और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष भारत और जापान के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जो दोनों देशों के रिश्तों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत-जापान संबंध अब एक नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं और भविष्य में दोनों देशों के बीच सहयोग और अधिक मजबूत होगा।

समापन में ताकाइची ने कहा कि वह अगली बार जापान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं।