PM Modi on Environment: हाइड्रोजन ट्रेन, EV और मेट्रो से ग्रीन एनर्जी तक, पीएम मोदी ने बताया भारत का बदलाव, विंड एनर्जी 3 गुना बढ़ी
PM Modi on Environment: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की पर्यावरण उपलब्धियां गिनाते हुए पहली हाइड्रोजन ट्रेन, 25 लाख EV बिक्री, विंड एनर्जी क्षमता में तीन गुना वृद्धि और 100% रेलवे विद्युतीकरण का जिक्र किया। उन्होंने 70 हजार से अधिक अमृत सरोवर, 1.5 करोड़ जल संचयन संरचनाओं और सर्कुलर इकोनॉमी पर भी बात की।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ‘द फ्यूचर ऑफ एनवायरनमेंट एंड क्लाइमेट डायनेमिक्स’ विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत की पर्यावरण और क्लाइमेट से जुड़ी उपलब्धियों को सामने रखा। उन्होंने कहा कि भारत क्लीन मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी, जल संरक्षण और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत का विकास तेज होने के साथ-साथ टिकाऊ भी है।
प्रधानमंत्री ने खास तौर पर भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती बिक्री और विंड एनर्जी क्षमता में हुई वृद्धि का जिक्र किया।
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का जिक्र
पीएम मोदी ने कहा कि कुछ दिन पहले भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन चली है और यह दुनिया की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन है। उन्होंने इसे क्लीन मोबिलिटी के क्षेत्र में नए दौर की शुरुआत बताया।
ग्रीन हाइड्रोजन को भविष्य की स्वच्छ ऊर्जा के महत्वपूर्ण विकल्पों में गिना जाता है। भारत भी परिवहन और ऊर्जा क्षेत्र में इसके इस्तेमाल को बढ़ाने पर जोर दे रहा है।
12 साल में तीन गुना हुई विंड एनर्जी क्षमता
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की विंड एनर्जी क्षमता तीन गुना बढ़ी है। हाइड्रो एनर्जी के क्षेत्र में भी क्षमता में मजबूत वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि भारत अब न्यूक्लियर एनर्जी पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है। सरकार इन क्षेत्रों में निजी क्षेत्र के लिए भी अवसर बढ़ा रही है, ताकि स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश और क्षमता दोनों को विस्तार मिले।
पीएम मोदी के मुताबिक, इन प्रयासों के चलते भारत की नॉन-फॉसिल एनर्जी क्षमता में 400 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
25 लाख EV की बिक्री का दावा
ई-मोबिलिटी के क्षेत्र में भारत की प्रगति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले देश में हर साल करीब 3,000 इलेक्ट्रिक वाहन बिकते थे। इसके मुकाबले पिछले साल करीब 25 लाख EV की बिक्री हुई।
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल से परिवहन क्षेत्र में प्रदूषण कम करने की दिशा में मदद मिल रही है।
प्रधानमंत्री ने FASTag का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन व्यवस्था से टोल प्लाजा पर वाहनों के इंतजार का समय और ईंधन की बर्बादी कम हुई है।
20 से ज्यादा शहरों में मेट्रो नेटवर्क
पीएम मोदी ने भारत में सार्वजनिक परिवहन के विस्तार को भी पर्यावरण के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि 2014 तक देश के केवल पांच शहरों में करीब 250 किलोमीटर से कम का मेट्रो नेटवर्क था। आज 20 से अधिक शहरों में मेट्रो सेवाएं चल रही हैं और भारत दुनिया के उन देशों में शामिल हो गया है, जिनके पास 1,000 किलोमीटर से अधिक का मेट्रो नेटवर्क है।
मेट्रो जैसी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था से बड़ी संख्या में यात्रियों को निजी वाहनों के बजाय सामूहिक परिवहन का विकल्प मिलता है, जिससे ईंधन की खपत और प्रदूषण कम करने में मदद मिल सकती है।
रेलवे के 100% विद्युतीकरण से डीजल की बचत
प्रधानमंत्री ने भारतीय रेलवे के विद्युतीकरण को भी पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि रेलवे के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण से करोड़ों लीटर डीजल की बचत हुई है।
पीएम मोदी ने कहा कि इससे पर्यावरण को भी फायदा हुआ है। उन्होंने भारत के विकास मॉडल को तेज और टिकाऊ बताते हुए कहा कि देश में जल संरक्षण पर भी बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है।
70 हजार से ज्यादा अमृत सरोवर बनाए गए
जल संरक्षण के क्षेत्र में सरकार की पहलों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि देश में 70,000 से अधिक अमृत सरोवर बनाए गए हैं।
इसके अलावा ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत देशभर में करीब 1.5 करोड़ जल संचयन संरचनाएं बनाई गई हैं। इन पहलों का उद्देश्य बारिश के पानी को संरक्षित करना और स्थानीय स्तर पर जल उपलब्धता को मजबूत करना है।
12.5 लाख हेक्टेयर में नेचुरल फार्मिंग क्लस्टर
पीएम मोदी ने कृषि और पर्यावरण के बीच संतुलन की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत 12.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में नेचुरल फार्मिंग के क्लस्टर बनाए गए हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि करीब 3,000 जलवायु-अनुकूल फसल किस्में विकसित की गई हैं। प्रधानमंत्री के मुताबिक, एग्रोफॉरेस्ट्री को बढ़ावा देकर देश कार्बन फुटप्रिंट कम करने की दिशा में भी काम कर रहा है।
12 साल में बहुत घने वन क्षेत्र में 22% वृद्धि
वन क्षेत्र का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत के बहुत घने वन क्षेत्र में 22 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को केवल जंगलों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसके लिए प्लास्टिक कचरे, जैविक कचरे और संसाधनों के दोबारा इस्तेमाल पर भी ध्यान देना जरूरी है।
सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक और रीसाइक्लिंग पर जोर
प्लास्टिक वेस्ट की चुनौती का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाई है। इसके साथ ही ‘रिड्यूस, रीयूज और रीसाइकल’ के सिद्धांत के जरिए सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि देश में हर दिन हजारों टन कचरे को रीसाइकल किया जा रहा है। इससे कचरे को दोबारा उपयोगी संसाधन में बदलने और लैंडफिल पर दबाव कम करने में मदद मिलती है।
गोबरधन योजना से ऑर्गेनिक वेस्ट का इस्तेमाल
प्रधानमंत्री ने गोबरधन योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसके जरिए गांवों में गोबर और दूसरे जैविक कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने का प्रयास किया जा रहा है।
पीएम मोदी के मुताबिक, भारत की पर्यावरण नीति अब केवल प्रदूषण कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऊर्जा, परिवहन, कृषि, जल संरक्षण, वन और कचरा प्रबंधन को एक साथ जोड़कर टिकाऊ विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य ऐसा विकास मॉडल तैयार करना है जिसमें आर्थिक प्रगति और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ आगे बढ़ें।