PM Modi Gifts Auction: पीएम मोदी को मिले उपहारों की नीलामी से 2025 में मिले ₹1.89 करोड़, लोकसभा में सरकार ने बताया पूरा हिसाब
PM Modi Gifts Auction 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले उपहारों और स्मृति चिह्नों की ई-नीलामी से सरकार को 2025 में ₹1.89 करोड़ मिले। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में इसकी जानकारी दी। 2024 में ₹2.24 करोड़ मिले थे, जबकि 2019 से शुरू हुई नीलामी से अब तक करोड़ों रुपये जुटाए गए हैं।
PM Modi Gifts Auction: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश-विदेश से मिलने वाले उपहारों और स्मृति चिह्नों की ई-नीलामी से सरकार को 2025 में 1.89 करोड़ रुपये की आय हुई। केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सोमवार को लोकसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2025 में हुई ई-नीलामी इस श्रृंखला का सातवां संस्करण था।
लोकसभा में पूछा गया था नीलामी से जुड़ा सवाल
लोकसभा में सरकार से पूछा गया था कि पिछले पांच वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री को मिले उपहारों और स्मृति चिह्नों की ई-नीलामी से कितनी राशि प्राप्त हुई और इन नीलामियों का आयोजन कब-कब किया गया। इसके जवाब में पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अलग-अलग चरणों में हुई नीलामी से प्राप्त राशि से जुड़ी जानकारी सदन के सामने रखी।
2025 में मिले ₹1.89 करोड़, 2024 में ₹2.24 करोड़
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले उपहारों और स्मृति चिह्नों की ई-नीलामी से सरकार को 1.89 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। वहीं, वर्ष 2024 में हुई छठे संस्करण की ई-नीलामी से 2.24 करोड़ रुपये की आय हुई थी। इस चरण में 600 से अधिक स्मृति चिह्नों और उपहारों की नीलामी की गई थी।
इससे पहले 2024 में नीलामी शुरू होने के समय सरकार की ओर से बताया गया था कि इन स्मृति चिह्नों का संग्रह भारत की संस्कृति, आध्यात्मिकता, इतिहास और राजनीतिक विरासत की विविधता को दर्शाता है।
2019 में शुरू हुई थी उपहारों की ई-नीलामी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले उपहारों और स्मृति चिह्नों की ई-नीलामी की श्रृंखला 2019 में शुरू हुई थी। इसके बाद हर साल अलग-अलग चरणों में इन वस्तुओं की नीलामी की गई। संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, शुरुआती पांच चरणों की नीलामी से ही सरकार को 50 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई थी।
इन नीलामियों के जरिए प्रधानमंत्री को मिले विभिन्न प्रकार के स्मृति चिह्नों और उपहारों को आम लोगों के लिए उपलब्ध कराया जाता है और इससे प्राप्त राशि का इस्तेमाल सार्वजनिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है।
2014 से पहले क्या होती थी ऐसी नीलामी?
लोकसभा में सरकार से यह भी पूछा गया था कि वर्ष 2014 से पहले प्रधानमंत्री को मिले उपहारों और स्मृति चिह्नों की कितनी बार नीलामी की गई थी। इस पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि 2019 से पहले राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय की ओर से स्मृति चिह्नों और उपहारों की ऐसी कोई नीलामी नहीं की गई थी। सरकार द्वारा सदन में दिए गए इन आंकड़ों के बाद प्रधानमंत्री को मिले उपहारों की ई-नीलामी और उससे प्राप्त होने वाली राशि एक बार फिर चर्चा में है।