PM Modi ने दिल्ली में किया सेवा तीर्थ के उद्घाटन, बोले- गुलामी की मानसिकता को बदलने का अभियान...
Feb 13, 2026, 20:11 IST
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन-1 व 2 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देश आज एक नया इतिहास बनते हुए देख रहा है और यह दिन भारत की विकास यात्रा में नई शुरुआत का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हम सभी ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि ये नई इमारतें देश की प्रगति, पारदर्शिता और बेहतर प्रशासन में अहम भूमिका निभाएंगी।
गुलामी के प्रतीकों से नई सोच तक
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक जैसी इमारतें ब्रिटिश शासन की सोच के अनुरूप बनाई गई थीं। उन्होंने कहा कि आज भारत अपनी प्रशासनिक संरचना को नई दिशा दे रहा है।
“‘विकसित भारत’ का सपना सिर्फ नीतियों और योजनाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह हमारी कार्यस्थल की संरचना और सोच में भी झलकना चाहिए,” उन्होंने कहा। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि जिन स्थानों से देश का संचालन होता है, वे प्रेरणा देने वाले और आधुनिक होने चाहिए।
140 करोड़ लोगों की आकांक्षाओं का केंद्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन जैसे नए कॉम्प्लेक्स भारत के 140 करोड़ नागरिकों की आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। यहां लिए जाने वाले फैसले किसी शासक की सोच पर नहीं, बल्कि देशवासियों की जरूरतों और उम्मीदों पर आधारित होंगे।
सेवा तीर्थ में कौन-कौन से कार्यालय?
सेवा तीर्थ परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय स्थित हैं।
वहीं कर्तव्य भवन-1 और 2 में कई प्रमुख मंत्रालय कार्यरत हैं, जिनमें वित्त मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, कानून एवं न्याय मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय और जनजातीय मामलों का मंत्रालय शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बदलाव केवल भवनों का नहीं, बल्कि भारत की प्रशासनिक सोच और आत्मविश्वास का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हम सभी ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि ये नई इमारतें देश की प्रगति, पारदर्शिता और बेहतर प्रशासन में अहम भूमिका निभाएंगी।
गुलामी के प्रतीकों से नई सोच तक
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक जैसी इमारतें ब्रिटिश शासन की सोच के अनुरूप बनाई गई थीं। उन्होंने कहा कि आज भारत अपनी प्रशासनिक संरचना को नई दिशा दे रहा है।
“‘विकसित भारत’ का सपना सिर्फ नीतियों और योजनाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह हमारी कार्यस्थल की संरचना और सोच में भी झलकना चाहिए,” उन्होंने कहा। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि जिन स्थानों से देश का संचालन होता है, वे प्रेरणा देने वाले और आधुनिक होने चाहिए।
140 करोड़ लोगों की आकांक्षाओं का केंद्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन जैसे नए कॉम्प्लेक्स भारत के 140 करोड़ नागरिकों की आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। यहां लिए जाने वाले फैसले किसी शासक की सोच पर नहीं, बल्कि देशवासियों की जरूरतों और उम्मीदों पर आधारित होंगे।
सेवा तीर्थ में कौन-कौन से कार्यालय?
सेवा तीर्थ परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय स्थित हैं।
वहीं कर्तव्य भवन-1 और 2 में कई प्रमुख मंत्रालय कार्यरत हैं, जिनमें वित्त मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, कानून एवं न्याय मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय और जनजातीय मामलों का मंत्रालय शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बदलाव केवल भवनों का नहीं, बल्कि भारत की प्रशासनिक सोच और आत्मविश्वास का प्रतीक है।