G7 Summit के लिए रवाना हुए PM मोदी, फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे पर दुनिया के नेताओं से करेंगे अहम मुलाकात
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री Narendra Modi शनिवार को फ्रांस और स्लोवाकिया की एक सप्ताह लंबी यात्रा पर रवाना हो गए। इस दौरान वह फ्रांस के एवियन में आयोजित होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय तथा वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री का यह दौरा भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और यूरोप के साथ मजबूत होते संबंधों का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
रवाना होने से पहले जारी बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की रणनीतिक सोच में France का विशेष स्थान है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष की शुरुआत में फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron भारत आए थे, जहां दोनों देशों ने अपने संबंधों को "विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी" के स्तर तक पहुंचाया था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नीस में राष्ट्रपति मैक्रों के साथ उनकी मुलाकात के दौरान फरवरी के बाद हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी और रक्षा, प्रौद्योगिकी, नवाचार तथा अन्य क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए नए कदमों पर चर्चा होगी। दोनों नेता अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करेंगे।
इस दौरान ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन वर्ष’ के तहत आयोजित कार्यक्रमों में भी प्रधानमंत्री भाग लेंगे। सरकार का मानना है कि यह पहल भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों से जोड़ने और देश के उच्च शिक्षा एवं नवाचार तंत्र को नई गति देने में मददगार साबित होगी।
स्लोवाकिया का ऐतिहासिक दौरा
प्रधानमंत्री मोदी 14 और 15 जून को सरकारी दौरे पर Slovakia जाएंगे। स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा होगी। ब्रातिस्लावा में वह राष्ट्रपति Peter Pellegrini और प्रधानमंत्री Robert Fico से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वह वहां के उद्योग एवं व्यापार जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों से भी बातचीत करेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह ऐतिहासिक यात्रा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों में सहयोग का दायरा और बढ़ेगा।
G7 में लगातार आठवीं बार भारत को मिला निमंत्रण
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि फ्रांस के एवियन में 16 और 17 जून को आयोजित होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में भारत की भागीदारी देश के प्रति वैश्विक विश्वास और बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहचान को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि भारत को लगातार आठवीं बार जी7 सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है।
उन्होंने कहा, "जी7 में भारत न केवल अपने विचार रखेगा, बल्कि ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं और चिंताओं को भी दुनिया के सामने मजबूती से प्रस्तुत करेगा।"
यूरोप के साथ साझेदारी को मिलेगी नई गति
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दौरा भारत और यूरोपीय संघ के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा। साथ ही भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को आगे बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि फ्रांस और स्लोवाकिया की यह यात्रा यूरोप के साथ भारत के बढ़ते जुड़ाव को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
फ्रांस यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री 18 जून को पेरिस में राष्ट्रपति मैक्रों के साथ विवाटेक 2026 कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। भारत सरकार का मानना है कि यह दौरा यूरोप और जी7 देशों के साथ भारत के संबंधों को और अधिक व्यापक तथा मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।