PM Modi Mann Ki Baat: कारगिल के वीरों को नमन, विक्रम-1 से लेकर हर घर तिरंगा तक... जानिए पीएम मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें
PM Modi Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम के 136वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर उन्होंने देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि कारगिल का इतिहास हर भारतीय के साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति की अमिट पहचान है। इसके साथ ही उन्होंने भारत की रक्षा शक्ति, अंतरिक्ष क्षेत्र, खेल, विज्ञान, पर्यावरण, जल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और 'वोकल फॉर लोकल' जैसे कई अहम विषयों पर विस्तार से अपनी बात रखी।
कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को किया नमन
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ तारीखें ऐसी होती हैं, जिन्हें याद रखने के लिए कैलेंडर देखने की जरूरत नहीं पड़ती और 26 जुलाई उन्हीं में से एक है। उन्होंने कहा कि कारगिल की कठिन चोटियों पर भारतीय सैनिकों ने जिस साहस और समर्पण का परिचय दिया, वह आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने सभी शहीदों और वीर सैनिकों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
भारत की रक्षा ताकत लगातार हो रही मजबूत
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज केवल सीमाओं की सुरक्षा ही नहीं कर रहा, बल्कि रक्षा तकनीक में भी तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है। उन्होंने हाल ही में भारतीय नौसेना में शामिल हुए INS महेंद्रगिरि का जिक्र करते हुए कहा कि यह पूरी तरह भारत में डिजाइन और निर्मित आधुनिक युद्धपोत है, जिसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग हुआ है।
उन्होंने बताया कि इसी महीने DRDO ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट और कुशा मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। इसके अलावा भारत ने इंडोनेशिया के साथ ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलों को लेकर बड़ा रक्षा समझौता भी किया है, जो दुनिया में भारतीय रक्षा तकनीक पर बढ़ते भरोसे का संकेत है।
जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील
प्रधानमंत्री ने 'कैच द रेन' अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि बारिश की हर बूंद को बचाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने बताया कि 4 जुलाई से देशभर में वर्षा जल संचयन, भूजल रिचार्ज, पुराने जल स्रोतों के पुनर्जीवन और बड़े स्तर पर वृक्षारोपण का अभियान चल रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि हर व्यक्ति अपने आसपास किसी तालाब, कुएं या बावड़ी की जिम्मेदारी लेकर जल संरक्षण में योगदान दे।
कॉमनवेल्थ खेलों और खिलाड़ियों की जमकर सराहना
प्रधानमंत्री ने हाल के दिनों में भारतीय खिलाड़ियों की शानदार उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पीवी सिंधु जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय बनी हैं। वहीं भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्ट मैच जीतकर इतिहास रचा है।
उन्होंने केरल के एक स्कूल में संस्कृत को फुटबॉल के जरिए पढ़ाने की अनोखी पहल 'अक्षरकंदुक' का भी जिक्र किया और इसे शिक्षा का प्रेरणादायक प्रयोग बताया।
विक्रम-1 लॉन्च को बताया ऐतिहासिक उपलब्धि
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 की सफल लॉन्चिंग को भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक पल बताया। उन्होंने कहा कि यह भारतीय युवाओं की प्रतिभा, नवाचार और धैर्य का शानदार उदाहरण है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के लिए स्पेस सेक्टर खोलने का फैसला सही साबित हुआ है और आज भारत के युवा वैश्विक स्तर की तकनीक विकसित कर रहे हैं।
ओलंपियाड में भारतीय छात्रों ने दुनिया में लहराया परचम
प्रधानमंत्री ने विज्ञान के क्षेत्र में भारतीय छात्रों की उपलब्धियों पर भी गर्व जताया। उन्होंने बताया कि फिजिक्स ओलंपियाड में भारत ने पहली बार दुनिया में पहला स्थान हासिल किया और सभी पांच छात्रों ने गोल्ड मेडल जीते।
इसके अलावा केमिस्ट्री ओलंपियाड में भी सभी भारतीय छात्रों ने गोल्ड मेडल जीते। बायोलॉजी ओलंपियाड में भारत ने सभी पदक अपने नाम किए, जबकि मैथेमेटिक्स ओलंपियाड में दो गोल्ड और चार सिल्वर मेडल मिले।
कश्मीर की 'वगू' चटाई और बिजनौर की हर्बल चाय का किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने कश्मीर की पारंपरिक वगू चटाई को नई पहचान दिलाने वाले गुलाम हुसैन और उनकी बेटी तंजीला की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं।
उन्होंने उत्तर प्रदेश के बिजनौर की महिलाओं द्वारा तैयार 'विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी' की भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि केवल एक लाख रुपये से शुरू हुई यह पहल आज देशभर में पहचान बना चुकी है और महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने का बेहतरीन उदाहरण है।
'एक पेड़ मां के नाम' अभियान की सफलता का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने अहमदाबाद में एक घंटे के भीतर साढ़े तीन लाख पौधे लगाए जाने की उपलब्धि का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि यह अभियान अब जनभागीदारी का बड़ा उदाहरण बन चुका है और इसका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हुआ है।
उन्होंने गुजरात के गिर जंगलों में दशकों बाद लौटे इंडियन ग्रे हॉर्नबिल पक्षी का भी उल्लेख किया और कहा कि पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों का यह सकारात्मक परिणाम है।
प्लास्टिक मुक्त भारत और वैज्ञानिकों की उपलब्धियों की सराहना
प्रधानमंत्री ने प्लास्टिक प्रदूषण को वैश्विक चुनौती बताते हुए बिहार के सीतामढ़ी में 'वेस्ट टू वेल्थ' मॉडल की सराहना की, जहां सिंगल यूज प्लास्टिक से मजबूत बेंच तैयार की जा रही हैं।
उन्होंने जापान में कार्यरत भारतीय वैज्ञानिक डॉ. रोनाल्डो लैश्राम का भी उल्लेख किया, जिनकी टीम ने ब्रह्मांड में युवा आकाशगंगाओं के समूह की खोज की और उसका नाम मणिपुर की लोकटक झील पर रखा।
'वोकल फॉर लोकल' और 'हर घर तिरंगा' का किया आह्वान
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के हथकरघा, हस्तशिल्प और पारंपरिक वाद्ययंत्र देश की सांस्कृतिक पहचान हैं। उन्होंने त्रिपुरा के पारंपरिक वाद्य चौंगप्रंग को फिर से लोकप्रिय बनाने वाले प्रयासों की भी सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने देशवासियों से अपील की कि इस वर्ष भी 'हर घर तिरंगा' अभियान को पूरे उत्साह के साथ सफल बनाएं और राष्ट्रीय ध्वज का सम्मानपूर्वक घर-घर पर फहराएं। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति तभी संभव है, जब हर नागरिक राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाए।