सोना, स्वदेशी और पर्यावरण... 'मन की बात' में PM मोदी ने देशवासियों से की ये खास अपील, सोना न खरीदने पर किया धन्यवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के 135वें एपिसोड में सोना न खरीदने की अपील मानने पर देशवासियों का धन्यवाद दिया। उन्होंने गणेश चतुर्थी पर स्वदेशी और मिट्टी की मूर्तियां अपनाने, पर्यावरण संरक्षण, अंधविश्वास से दूर रहने और मेघालय के रूट ब्रिज जैसी प्रेरक पहलों का भी उल्लेख किया।
PM Modi Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 135वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को सोना खरीदने से बचने की अपनी अपील का समर्थन करने पर आभार जताया और पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी उत्पादों के उपयोग, अंधविश्वास से दूरी तथा देशभर में चल रही प्रेरक जनभागीदारी की मिसालों का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की छोटी-छोटी सकारात्मक पहलें मिलकर भारत को नई दिशा दे रही हैं।
सोना न खरीदने की अपील मानने पर देशवासियों का जताया आभार
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने कुछ समय पहले देशवासियों से अनावश्यक रूप से सोना न खरीदने की अपील की थी। लोगों ने उनकी बात को गंभीरता से लिया और जिम्मेदारी का परिचय दिया। इसके लिए उन्होंने सभी नागरिकों का धन्यवाद व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि जब देशहित से जुड़े किसी मुद्दे पर जनता एकजुट होकर सहयोग करती है तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे देश की अर्थव्यवस्था और समाज पर दिखाई देता है।
अंधविश्वास छोड़ने की दी सलाह
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में अंधविश्वास से दूर रहने का भी संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज को वैज्ञानिक सोच और जागरूकता के साथ आगे बढ़ना चाहिए। किसी भी परंपरा या मान्यता को विवेक और समझदारी के साथ अपनाना आवश्यक है।
मेघालय के 'रूट ब्रिज' की दुनिया को दिखाई मिसाल
प्रधानमंत्री मोदी ने मेघालय के प्रसिद्ध लिविंग रूट ब्रिज का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इन पुलों का निर्माण रबर के पेड़ों की जीवित जड़ों को वर्षों तक एक निश्चित दिशा में बढ़ाकर किया जाता है।
उन्होंने कहा कि ऐसे पुल तैयार होने में कई दशक लगते हैं, लेकिन समय के साथ ये और मजबूत होते जाते हैं। वर्तमान में मेघालय में 120 से अधिक रूट ब्रिज स्थानीय समुदायों द्वारा संरक्षित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इसे प्रकृति और मानव की साझेदारी का अद्भुत उदाहरण बताया।
नॉर्थ-ईस्ट में महिलाओं की अनोखी पहल का किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर भारत में पाए जाने वाले एक ऐसे पक्षी का भी उल्लेख किया, जिसे कभी अशुभ माना जाता था। उन्होंने बताया कि अब वहां की महिलाएं उसी पक्षी के संरक्षण का अभियान चला रही हैं। यह बदलाव समाज में जागरूकता और सकारात्मक सोच का प्रतीक है।
मध्य प्रदेश के ब्यावरा की महिलाओं की सराहना
प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की महिलाओं की भी खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि इन महिलाओं ने प्लास्टिक कचरे को समस्या नहीं बल्कि संसाधन में बदल दिया।
महिलाओं ने आसपास के क्षेत्रों से प्लास्टिक कचरा एकत्र कर उससे आकर्षक सजावटी पेड़ तैयार किए, जिनका उपयोग सार्वजनिक स्थानों को सुंदर बनाने में किया जा रहा है। इस पहल से सैकड़ों किलो प्लास्टिक का पुनः उपयोग संभव हो सका और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिली।
गणेश चतुर्थी से पहले स्वदेशी और मिट्टी की मूर्तियों की अपील
आगामी गणेश चतुर्थी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाएं खरीदने और स्थानीय कारीगरों का समर्थन करने की अपील की।
उन्होंने प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) से बनी मूर्तियों और विदेशों में निर्मित प्रतिमाओं से बचने का आग्रह करते हुए कहा कि त्योहार केवल उत्सव का माध्यम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने का अवसर भी हैं।
हर त्योहार पर स्वदेशी अपनाने का दिया संदेश
प्रधानमंत्री ने कहा कि देशवासी हर पर्व और त्योहार के अवसर पर अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें। इससे स्थानीय कारीगरों, छोटे उद्योगों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सकारात्मक बदलावों से बन रहा नया भारत
'मन की बात' के इस एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के विभिन्न हिस्सों में चल रही प्रेरक पहलों को सामने रखते हुए कहा कि जब समाज जागरूक होकर छोटी-छोटी जिम्मेदारियां निभाता है, तब वही प्रयास मिलकर बड़े राष्ट्रीय परिवर्तन का आधार बनते हैं।