PM Modi-Putin Meeting: पुतिन से बोले PM मोदी- अब युद्ध बहुत हुआ, शांति की ओर बढ़िए
PM Modi-Putin Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी के साथ रूस-यूक्रेन युद्ध का मुद्दा भी प्रमुख रहा। पीएम मोदी ने स्पष्ट संदेश दिया कि युद्ध किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है और अब शांति की दिशा में आगे बढ़ने का समय है।
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को साढ़े चार साल से ज्यादा समय हो चुका है। लंबे संघर्ष में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है और कई शहरों को भारी तबाही का सामना करना पड़ा है। इसके बावजूद युद्ध खत्म करने को लेकर अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है। ऐसे समय में पीएम मोदी ने पुतिन के साथ बातचीत में शांति और कूटनीति की जरूरत पर जोर दिया।
पुतिन से बोले PM मोदी- युद्ध से किसी का भला नहीं
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर भारत का रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि युद्ध से किसी का भला नहीं होता और इसका असर केवल लड़ने वाले देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ता है।
पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि युद्ध के हर गुजरते दिन का असर इंसानियत पर पड़ रहा है। ऐसे में संघर्ष को लंबा खींचने के बजाय उसके समाधान और शांति का रास्ता तलाशना जरूरी है। भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के जरिए विवादों के समाधान की वकालत करता रहा है।
भारत-रूस संबंधों पर भी हुई विस्तृत चर्चा
राष्ट्रपति पुतिन के साथ मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने भारत-रूस की ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ के सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। ऊर्जा, इनोवेशन, अंतरिक्ष, उर्वरक और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क भारत-रूस संबंधों के महत्वपूर्ण क्षेत्र बने हुए हैं।
बैठक में आर्थिक सहयोग, रक्षा और कारोबार से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि मजबूत आर्थिक विकास के लिए वैश्विक स्तर पर शांति और स्थिरता जरूरी है।
पुतिन ने भारत के साथ बढ़ते रिश्तों का किया जिक्र
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत और रूस के बीच मजबूत होते संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश एक-दूसरे का सम्मान करते हैं और बराबरी की साझेदारी के आधार पर आगे बढ़ रहे हैं। पुतिन ने हाल में भारत और रूस के बीच बढ़ते व्यापार का भी उल्लेख किया। उन्होंने रूस में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की बढ़ती संख्या का जिक्र करते हुए इसे दोनों देशों के मजबूत होते संबंधों का संकेत बताया।
पीएम मोदी ने भी कहा कि भारत और रूस एक-दूसरे के हितों और संवेदनशीलताओं को समझते हैं। दोनों देशों के बीच आपसी सम्मान और भरोसे की वजह से भारत में रूस को एक भरोसेमंद मित्र के तौर पर देखा जाता है।
विदेश मंत्री जयशंकर की मॉस्को यात्रा का भी जिक्र
पुतिन ने पिछले सप्ताह भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर की मॉस्को यात्रा का भी उल्लेख किया। इस दौरान भारत-रूस संबंधों की समीक्षा की गई थी। दोनों नेताओं की बैठक ऐसे समय हुई है जब भारत और रूस के बीच पारंपरिक रणनीतिक रिश्तों के साथ आर्थिक और ऊर्जा सहयोग भी लगातार महत्वपूर्ण बना हुआ है।
पेजेशकियान से भी मिले थे पीएम मोदी
राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से भी बिश्केक में मुलाकात की। यह मुलाकात अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव के बीच हुई है।
बताया गया कि ईरान के राष्ट्रपति ने मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने में भारत की भूमिका की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि भारत की बात अमेरिका और यूरोपीय देशों में सुनी जाती है और प्रधानमंत्री मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत कर ईरान पर हमले रोकने के लिए पहल करनी चाहिए।
इस तरह एक ही दिन में पीएम मोदी की रूस और ईरान के राष्ट्राध्यक्षों के साथ हुई मुलाकातों ने वैश्विक स्तर पर चल रहे दो बड़े संघर्षों के बीच भारत की कूटनीतिक भूमिका को फिर चर्चा में ला दिया है।