बंगाल में गरजे PM मोदी: ममता राज में सिर्फ अत्याचार, कट मनी के बिना नहीं होता कोई काम
Apr 19, 2026, 20:59 IST
झारग्राम। पश्चिम बंगाल के चुनावी दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के आदिवासी बहुल इलाकों में तृणमूल से जुड़े लोगों ने जमीनों पर कब्जा कर रखा है और विकास कार्यों में भारी अनियमितताएं हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल के आदिवासी क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां “कट मनी” यानी रिश्वत के बिना कोई काम नहीं होता। उन्होंने राज्य सरकार को ‘निर्मम’ बताते हुए कहा कि उसका ध्यान केवल लूट पर है, न कि आदिवासियों के कल्याण पर।
भ्रष्टाचार और अत्याचार का आरोप
पीएम मोदी ने कहा कि तृणमूल ने राज्य को “अत्याचार, लूट और भ्रष्टाचार” के अलावा कुछ नहीं दिया। उन्होंने दावा किया कि पुरुलिया, बांकुड़ा और झारग्राम के लोग पहले भी भाजपा के साथ इसलिए जुड़े थे क्योंकि वे डर और वसूली से मुक्ति चाहते थे।
उन्होंने कहा कि अब इन क्षेत्रों का माहौल पूरी तरह बदल चुका है और लोग खुलकर तृणमूल के खिलाफ बोल रहे हैं। पीएम ने बांग्ला नारे “पल्टानो दरकार” (बदलाव जरूरी है) का जिक्र करते हुए कहा कि जनता बदलाव के लिए तैयार है।
‘एकमात्र विकल्प’ होने का दावा
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि तृणमूल के “भ्रष्टाचार और अत्याचार” से जनता परेशान हो चुकी है और अब भारतीय जनता पार्टी को एकमात्र विश्वसनीय विकल्प के रूप में देख रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल के आदिवासी क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां “कट मनी” यानी रिश्वत के बिना कोई काम नहीं होता। उन्होंने राज्य सरकार को ‘निर्मम’ बताते हुए कहा कि उसका ध्यान केवल लूट पर है, न कि आदिवासियों के कल्याण पर।
भ्रष्टाचार और अत्याचार का आरोप
पीएम मोदी ने कहा कि तृणमूल ने राज्य को “अत्याचार, लूट और भ्रष्टाचार” के अलावा कुछ नहीं दिया। उन्होंने दावा किया कि पुरुलिया, बांकुड़ा और झारग्राम के लोग पहले भी भाजपा के साथ इसलिए जुड़े थे क्योंकि वे डर और वसूली से मुक्ति चाहते थे।
उन्होंने कहा कि अब इन क्षेत्रों का माहौल पूरी तरह बदल चुका है और लोग खुलकर तृणमूल के खिलाफ बोल रहे हैं। पीएम ने बांग्ला नारे “पल्टानो दरकार” (बदलाव जरूरी है) का जिक्र करते हुए कहा कि जनता बदलाव के लिए तैयार है।
‘एकमात्र विकल्प’ होने का दावा
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि तृणमूल के “भ्रष्टाचार और अत्याचार” से जनता परेशान हो चुकी है और अब भारतीय जनता पार्टी को एकमात्र विश्वसनीय विकल्प के रूप में देख रही है।