10 जून को पीएम मोदी रचेंगे इतिहास! बनेंगे सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री
Longest Serving Prime Minister India: भारतीय राजनीति में एक और बड़ा ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जून 2026 को देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का एक बड़ा रिकॉर्ड तोड़ते हुए भारत के सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन जाएंगे।
प्रधानमंत्री मोदी पिछले कुछ वर्षों में कांग्रेस युग के कई बड़े राजनीतिक रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। जुलाई 2025 में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लगातार 4,077 दिनों तक प्रधानमंत्री रहने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया था। इसके बाद मोदी लगातार कार्यकाल के मामले में नेहरू के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गए थे।
अब 10 जून को वह एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए जवाहरलाल नेहरू के निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबे कार्यकाल के रिकॉर्ड को पार कर देंगे।
फिर भी कायम रहेगा नेहरू का सबसे बड़ा रिकॉर्ड
हालांकि कुल प्रधानमंत्री कार्यकाल के मामले में जवाहरलाल नेहरू अभी भी देश के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बने रहेंगे।
नेहरू 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री बने थे और 27 मई 1964 तक इस पद पर रहे। इस तरह उनका कुल कार्यकाल लगभग 6,131 दिनों का रहा, जो आज भी भारत के किसी भी प्रधानमंत्री का सबसे लंबा कार्यकाल माना जाता है।
1947 में नेहरू कैसे बने देश के प्रधानमंत्री?
भारत की स्वतंत्रता के समय देश में न तो संविधान लागू हुआ था और न ही आम चुनाव हुए थे। ऐसे में अक्सर यह सवाल उठता है कि जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री कैसे बने?
दरअसल, 1946 में ब्रिटिश सरकार ने भारत में संविधान सभा के गठन की प्रक्रिया शुरू की थी। संविधान सभा के सदस्यों का चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं, बल्कि प्रांतीय विधानसभाओं के जरिए किया गया था।
उस समय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस संविधान सभा में सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति थी और कांग्रेस ने जवाहरलाल नेहरू को अपना नेता चुना।
इसके बाद 2 सितंबर 1946 को नेहरू के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी, जिसमें वह Executive Council के Vice President बने। व्यवहारिक रूप से यह पद प्रधानमंत्री के समान माना जाता था।
जब 15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ, तब तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड माउंटबेटन ने जवाहरलाल नेहरू को स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री के रूप में शपथ दिलाई।
क्या नेहरू 1947 में चुनाव जीतकर प्रधानमंत्री बने थे?
इस सवाल का जवाब है— नहीं।
1947 में नेहरू किसी लोकसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री नहीं बने थे, क्योंकि उस समय:
लोकसभा अस्तित्व में नहीं थी
भारत का संविधान लागू नहीं हुआ था
देश में पहला आम चुनाव नहीं हुआ था
भारत के पहले निर्वाचित प्रधानमंत्री कब बने नेहरू?
भारत में पहला आम चुनाव 1951-52 में आयोजित हुआ था। इस चुनाव में कांग्रेस को बहुमत मिला और 13 मई 1952 को जवाहरलाल नेहरू ने दोबारा प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
इसी के साथ वह स्वतंत्र भारत के पहले निर्वाचित प्रधानमंत्री बने।
पीएम मोदी के नाम एक और बड़ा राजनीतिक कीर्तिमान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ऐसे गैर-कांग्रेसी नेता हैं जिन्होंने लगातार तीन लोकसभा चुनाव जीतकर केंद्र में सरकार बनाई है।
मोदी ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में लगातार जीत दर्ज की और तीसरी बार प्रधानमंत्री बने।
इसके साथ ही वह स्वतंत्र भारत के इतिहास में लगातार तीन बार बहुमत के साथ सत्ता में लौटने वाले पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री भी बन गए हैं।
कांग्रेस युग के रिकॉर्ड लगातार टूट रहे
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी का लंबा कार्यकाल भारतीय राजनीति में सत्ता के बदलते समीकरणों और राष्ट्रीय राजनीति में भाजपा के मजबूत प्रभाव को दर्शाता है।
इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड टूटने के बाद अब नेहरू के निर्वाचित प्रधानमंत्री वाले रिकॉर्ड का टूटना भारतीय राजनीति में एक बड़े प्रतीकात्मक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
अब सबकी नजर 10 जून पर टिकी है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक और नया अध्याय जोड़ देंगे।