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PM Modi का राष्ट्र के नाम संबोधन : महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष को घेरा, देश की माताओं-बहनों से मांगी माफी

 

नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए महिला आरक्षण विधेयक पारित न होने को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से देश की 'नारी शक्ति की उड़ान' को रोक दिया गया है और महिलाओं के सपनों को झटका लगा है।

देश की माताओं बहनों से मांगी माफी

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भावुक लहजे में कहा कि वह देश की बहनों और बेटियों से सीधे संवाद करने आए हैं। उन्होंने कहा, हमारे प्रयासों के बावजूद नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद में पास नहीं हो पाया, इसके लिए मैं देश की सभी माताओं-बहनों से क्षमा चाहता हूं।

विपक्षियों पर लगाया आरोप

प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ दलों ने देशहित से ऊपर दलहित को रखा, जिसका खामियाजा महिलाओं को उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके और समाजवादी पार्टी जैसे दलों की “स्वार्थी राजनीति” ने महिलाओं के अधिकारों को नुकसान पहुंचाया है।

21वीं सदी की महिलाएं सब देख रही हैं- पीएम

पीएम मोदी ने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि ये पार्टियां महिलाओं से उनका हक छीनकर खुशी मना रही थीं। उन्होंने इसे नारी के आत्मसम्मान पर चोट बताते हुए कहा कि 21वीं सदी की महिलाएं सब देख रही हैं और समय आने पर इसका जवाब देंगी।

लोहिया जी के आदर्शों को ठेस पहुंचाई गई- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने महिला आरक्षण बिल का विरोध कर लोहिया जी के आदर्शों को ठेस पहुंचाई है। वहीं कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने पहले तीन तलाक, आर्टिकल 370 और अब महिला आरक्षण का भी विरोध किया, जिससे स्पष्ट है कि वह सुधारों के खिलाफ खड़ी रहती है।

महिलाओं को हक देने का ईमानदार प्रयास था- पीएम

उन्होंने यह भी कहा कि यह विधेयक 40 साल से लंबित महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने का प्रयास था और 2029 से लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम था। पीएम मोदी के मुताबिक, यह देश की आधी आबादी को उनका हक देने का ईमानदार प्रयास था।

परिवारवादी राजनीति पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री ने परिवारवादी राजनीति पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों को डर है कि अगर महिलाएं सशक्त हो गईं, तो उनका पारिवारिक वर्चस्व खत्म हो जाएगा।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि भले ही संसद में जरूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल पाया, लेकिन देश की 100% नारी शक्ति का आशीर्वाद सरकार के साथ है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाली हर बाधा को दूर किया जाएगा और महिलाओं को उनका अधिकार दिलाकर ही दम लिया जाएगा।