TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमले के मामले में पुलिस का एक्शन, 4 अरेस्ट, ममता बनर्जी ने BJP पर साधा निशाना
Updated: May 31, 2026, 11:35 IST
टीएमसी सासंद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, इलाके से जुटाए गए वीडियो फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर रातभर छापेमारी की गई, जिसके बाद आरोपियों को पकड़ा गया।
इस बीच ममता बनर्जी ने इस घटना को सुनियोजित साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि अगर अभिषेक ने हेलमेट नहीं पहना होता तो उनकी जान भी जा सकती थी। ममता का दावा है कि हमले के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आईं और शरीर में खून के थक्के जम गए थे।
सोनारपुर में हुआ था हमला
घटना Sonarpur की है, जहां अभिषेक बनर्जी चुनाव बाद हुई हिंसा के पीड़ित टीएमसी कार्यकर्ताओं के परिवारों से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान विरोध कर रहे लोगों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आए वीडियो के अनुसार, उनके ऊपर पत्थर, अंडे और जूते फेंके गए। धक्का-मुक्की में उनकी शर्ट भी फट गई थी। हालात बिगड़ने पर सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें पुलिस हेलमेट पहनाकर वहां से बाहर निकाला।
TMC ने BJP पर लगाए आरोप
टीएमसी ने इस हमले के लिए Bharatiya Janata Party को जिम्मेदार ठहराया है। अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि हमला पहले से योजनाबद्ध था और पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। उन्होंने कहा कि मामले को अदालत और राज्यपाल के सामने भी उठाया जाएगा।
अस्पताल पर दबाव डालने का आरोप
हमले के बाद अभिषेक बनर्जी को पहले अपोलो अस्पताल और बाद में बेल व्यू अस्पताल ले जाया गया। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि कुछ भाजपा नेताओं और पुलिस अधिकारियों की ओर से अस्पताल प्रशासन पर दबाव बनाया गया ताकि उन्हें भर्ती न किया जाए या जल्द डिस्चार्ज कर दिया जाए।
ममता ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उनकी हालत गंभीर नहीं थी तो उन्हें आईटीयू में क्यों रखा गया और बाद में अचानक छुट्टी क्यों दे दी गई। उन्होंने बताया कि अब अभिषेक का इलाज घर पर ही किया जा रहा है, जहां जरूरी मेडिकल उपकरण लगाए गए हैं।
चुनाव बाद हिंसा को लेकर पहले से तनाव
सोनारपुर और दक्षिण 24 परगना का इलाका लंबे समय से राजनीतिक टकराव का केंद्र रहा है। हालिया विधानसभा चुनाव के बाद यहां कई हिंसक घटनाएं सामने आई थीं। अभिषेक बनर्जी उसी सिलसिले में पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे थे, जब यह हमला हुआ।
घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है और मामले को लेकर टीएमसी तथा भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
इस बीच ममता बनर्जी ने इस घटना को सुनियोजित साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि अगर अभिषेक ने हेलमेट नहीं पहना होता तो उनकी जान भी जा सकती थी। ममता का दावा है कि हमले के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आईं और शरीर में खून के थक्के जम गए थे।
सोनारपुर में हुआ था हमला
घटना Sonarpur की है, जहां अभिषेक बनर्जी चुनाव बाद हुई हिंसा के पीड़ित टीएमसी कार्यकर्ताओं के परिवारों से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान विरोध कर रहे लोगों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आए वीडियो के अनुसार, उनके ऊपर पत्थर, अंडे और जूते फेंके गए। धक्का-मुक्की में उनकी शर्ट भी फट गई थी। हालात बिगड़ने पर सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें पुलिस हेलमेट पहनाकर वहां से बाहर निकाला।
TMC ने BJP पर लगाए आरोप
टीएमसी ने इस हमले के लिए Bharatiya Janata Party को जिम्मेदार ठहराया है। अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि हमला पहले से योजनाबद्ध था और पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। उन्होंने कहा कि मामले को अदालत और राज्यपाल के सामने भी उठाया जाएगा।
अस्पताल पर दबाव डालने का आरोप
हमले के बाद अभिषेक बनर्जी को पहले अपोलो अस्पताल और बाद में बेल व्यू अस्पताल ले जाया गया। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि कुछ भाजपा नेताओं और पुलिस अधिकारियों की ओर से अस्पताल प्रशासन पर दबाव बनाया गया ताकि उन्हें भर्ती न किया जाए या जल्द डिस्चार्ज कर दिया जाए।
ममता ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उनकी हालत गंभीर नहीं थी तो उन्हें आईटीयू में क्यों रखा गया और बाद में अचानक छुट्टी क्यों दे दी गई। उन्होंने बताया कि अब अभिषेक का इलाज घर पर ही किया जा रहा है, जहां जरूरी मेडिकल उपकरण लगाए गए हैं।
चुनाव बाद हिंसा को लेकर पहले से तनाव
सोनारपुर और दक्षिण 24 परगना का इलाका लंबे समय से राजनीतिक टकराव का केंद्र रहा है। हालिया विधानसभा चुनाव के बाद यहां कई हिंसक घटनाएं सामने आई थीं। अभिषेक बनर्जी उसी सिलसिले में पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे थे, जब यह हमला हुआ।
घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है और मामले को लेकर टीएमसी तथा भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।