I-PAC केस में राजनीतिक टकराव तेज, ममता बनर्जी और ED में हुई कथित झड़प
Kolkata : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को I-PAC परिसर में हुई ED की मनी लॉन्ड्रिंग छापेमारी के दौरान कथित तौर पर हस्तक्षेप किया। सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी ने मौके पर I-PAC के अधिकारी प्रतीक जैन का फोन अपने हाथ में ले लिया और अपने पास रखा।
ED ने किया छापेमारी का आरोप
प्रवर्तन निदेशालय ने राजनीतिक परामर्श फर्म I-PAC के परिसर में मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत कार्रवाई की। ED के अधिकारियों का दावा है कि उन्हें पूरे अभियान के दौरान डराने-धमकाने और दबाव का सामना करना पड़ा।
सूत्रों के अनुसार, DGP ने ED के तीन अधिकारियों को धमकी दी कि पंचनामा में कुछ भी रिकॉर्ड न करें और दिखाएँ कि कोई रिकवरी नहीं हुई है। अगर ऐसा नहीं किया गया तो उन्हें गिरफ्तार करने की बात भी कही गई। कथित तौर पर, ED अधिकारियों को अधिकारिक दस्तावेजों में बदलाव करने के लिए मजबूर किया गया। इंडिपेंडेंट विटनेस भी वहां मौजूद थे, लेकिन उन्हें भी परेशान किया गया।
ममता बनर्जी का बयान
ममता बनर्जी ने ED के दावों को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने कहा कि ED तृणमूल कांग्रेस की चुनाव योजना, आंतरिक डेटा, हार्ड डिस्क और रणनीति दस्तावेज जब्त करने की कोशिश कर रही थी, जो मनी लॉन्ड्रिंग जांच से कोई संबंध नहीं रखते। ममता ने इस कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित और असंवैधानिक बताया।
यह विवाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक-संवैधानिक प्रक्रियाओं और पार्टी डेटा सुरक्षा को लेकर गर्मा गया है और आगामी दिनों में इस पर राजनीतिक और कानूनी बहस जारी रहने की संभावना है।