देशभर में बदलेगा Public Wi-Fi सिस्टम: एक लॉगिन से चलेंगे 4 लाख हॉटस्पॉट, UPI पेमेंट भी होंगे ज्यादा सुरक्षित
नई दिल्ली। केंद्र सरकार देशभर में एक नए और एडवांस्ड Public Wi-Fi सिस्टम पर काम कर रही है। यह कदम PM-WANI योजना की सीमित सफलता से सबक लेते हुए उठाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य पब्लिक Wi-Fi को लोगों के लिए ज्यादा आसान, सुरक्षित और उपयोगी बनाना है।
नए सिस्टम के तहत यूजर्स को अब हर Wi-Fi हॉटस्पॉट पर अलग-अलग OTP डालकर लॉगिन नहीं करना पड़ेगा। एक बार OTP या पासवर्ड के जरिए लॉगिन करने के बाद यूजर देशभर में मौजूद करीब 4 लाख सार्वजनिक Wi-Fi हॉटस्पॉट्स का इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे यात्रियों, छात्रों और आम इंटरनेट यूजर्स को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
इस दिशा में टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी TRAI ने एक कंसल्टेशन पेपर जारी किया है और लोगों से सुझाव मांगे हैं।
UPI और डिजिटल पेमेंट होंगे ज्यादा सुरक्षित
सरकार इस नए Public Wi-Fi फ्रेमवर्क में सुरक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल कर रही है। इसके तहत ‘Wi-Fi Protected Access 3 (WPA3)’ जैसे आधुनिक सिक्योरिटी स्टैंडर्ड लागू किए जाएंगे। इससे रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, बाजार और अन्य भीड़भाड़ वाली जगहों पर भी UPI और डिजिटल पेमेंट्स को ज्यादा सुरक्षित बनाया जा सकेगा।
माना जा रहा है कि नए सिस्टम से साइबर फ्रॉड, डेटा चोरी और हैकिंग जैसी घटनाओं पर भी काफी हद तक रोक लगेगी।
क्यों बदल रहा है पुराना मॉडल?
TRAI के कंसल्टेशन पेपर के अनुसार मौजूदा Public Wi-Fi मॉडल लोगों की रोजमर्रा की जरूरत का हिस्सा नहीं बन पाया। इसके अलावा ऑपरेटर्स को इससे मजबूत कमाई का जरिया भी नहीं मिला, जिसके कारण यह मॉडल अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सका।
अब सरकार ऐसा मॉडल तैयार करना चाहती है जिससे ऑपरेटर्स को भी बेहतर कमाई हो सके। इसके लिए विज्ञापन आधारित मॉडल, पेड प्लान और सब्सिडी यानी Viability Gap Funding जैसे विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
गांवों में मिलेगा सस्ता Community Wi-Fi
नई योजना के तहत शहरों में हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध कराने के साथ-साथ गांवों में कम लागत वाला ‘Community Wi-Fi’ मॉडल लागू किया जाएगा। भारत की करीब 140 करोड़ आबादी में फिलहाल केवल 2 प्रतिशत लोग ही Public Wi-Fi का इस्तेमाल करते हैं।
वहीं दक्षिण कोरिया में यह आंकड़ा 80 प्रतिशत, अमेरिका में 70 प्रतिशत, यूरोप और चीन में 60 प्रतिशत तथा इंग्लैंड में करीब 50 प्रतिशत है। सरकार का मानना है कि नया फ्रेमवर्क इंटरनेट एक्सेस बढ़ाने के साथ मोबाइल नेटवर्क पर बढ़ते डेटा लोड को भी कम करेगा।
सस्ते इंटरनेट से मजबूत होगी Digital India की नींव
Public Wi-Fi से न केवल इंटरनेट कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूती मिलेगी। खासकर उन लोगों को इसका फायदा होगा जो महंगे मोबाइल डेटा प्लान अफोर्ड नहीं कर पाते।
वीडियो स्ट्रीमिंग, क्लाउड सर्विस और AI आधारित सेवाओं जैसे ज्यादा डेटा इस्तेमाल वाले कामों के लिए Wi-Fi बेहतर विकल्प माना जाता है। इसके अलावा ई-गवर्नेंस और ऑनलाइन सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने में भी इसकी अहम भूमिका होगी।