{"vars":{"id": "130921:5012"}}

किसान महाचौपाल में राहुल गांधी का केंद्र पर हमला, ट्रेड डील से लेकर सेना तक उठाए गंभीर सवाल
 

 

भोपाल I भोपाल में भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर कांग्रेस ने किसान महाचौपाल का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। महाचौपाल के दौरान राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना कैबिनेट से चर्चा किए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन कर ट्रेड डील फाइनल कर दी। उन्होंने कहा कि यह समझौता दबाव में किया गया है और इससे देश के किसानों व छोटे व्यापारियों को नुकसान हो सकता है। राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने देश का डेटा अमेरिका को बेच दिया।

‘यूथ कांग्रेस बब्बर शेर है’

राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें लोकसभा में बोलने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद परंपरा के अनुसार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने का अवसर मिलता है, लेकिन इस बार उन्हें बोलने से रोका गया।

उन्होंने ‘एप्सटीन फाइल्स’ का मुद्दा उठाते हुए कहा कि लाखों फाइलों में कई राज दबे हुए हैं और उन्हें सार्वजनिक नहीं किया जा रहा। इसके साथ ही उन्होंने एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कार्यकर्ताओं की सराहना की। राहुल गांधी ने कहा, “यूथ कांग्रेस के साथी बब्बर शेर हैं। वे बेधड़क आगे बढ़ें, कांग्रेस पार्टी उनके साथ है।”

पूर्व आर्मी चीफ की किताब का जिक्र

कांग्रेस नेता ने पूर्व सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे की किताब का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वह संसद में इस विषय पर चर्चा करना चाहते थे, लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया।

राहुल गांधी के अनुसार, नरवणे ने अपनी पुस्तक में लिखा है कि जब चीन के टैंक भारतीय सीमा की ओर बढ़ रहे थे, तब उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर आदेश मांगे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी संपर्क किया, परंतु तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिली।

राहुल गांधी ने कहा कि बाद में जब दो घंटे बीत गए तो नरवणे ने फिर रक्षा मंत्री से संपर्क कर प्रधानमंत्री से बात करने को कहा। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री ने बिना सीधे बातचीत किए यह संदेश भिजवाया कि “जो उचित लगे, वह करें।” राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उस समय सरकार और प्रधानमंत्री ने सेना को अकेला छोड़ दिया।

कांग्रेस की इस किसान महाचौपाल के जरिए पार्टी ने केंद्र सरकार की नीतियों, ट्रेड डील और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, भाजपा की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।