मनरेगा बचाओ मोर्चा में राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला, किसानों के बाद अब मजदूरों पर वार
नई दिल्ली I कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को दिल्ली में आयोजित 'मनरेगा बचाओ मोर्चा' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को खत्म करने की साजिश रच रही है, जिससे गरीबों, मजदूरों, दलितों और आदिवासियों के संवैधानिक अधिकार छीने जा रहे हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा के तहत गरीब लोगों को काम करने का अधिकार मिला था। यह योजना गरीबों को सम्मान के साथ रोजगार देने का माध्यम थी, लेकिन अब भाजपा इसे खत्म करना चाहती है। सरकार मजदूरों के साथ वही करने की कोशिश कर रही है, जो उसने कुछ साल पहले 'तीन काले कृषि कानूनों' के जरिए किसानों के साथ किया था। किसानों ने एकजुट होकर दबाव बनाया और मोदी सरकार को उन कानूनों को वापस लेना पड़ा। अब उसी तरह मजदूरों पर हमला हो रहा है।"
उन्होंने आगे दावा किया कि भाजपा एक ऐसा भारत बनाना चाहती है जहां सिर्फ एक राजा ही सब कुछ तय करे। केंद्र सरकार तय करेगी कि किस राज्य को कितना पैसा मिलेगा, भाजपा शासित राज्यों को ज्यादा और विपक्षी राज्यों को कम। काम कब-कहां होगा, मजदूरी कितनी मिलेगी—यह सब केंद्र तय करेगा। मजदूरों के अधिकार ठेकेदारों को सौंपे जा रहे हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा की विचारधारा है कि देश का धन और संपत्ति चुने हुए हाथों में हो। वे चाहते हैं कि पूरा धन अमीरों के पास चला जाए, ताकि गरीब, दलित और आदिवासी उन पर निर्भर हो जाएं और उनकी बात मानें। भाजपा लोकतंत्र, संविधान और 'एक व्यक्ति-एक वोट' की अवधारणा को खत्म करना चाहती है। ये लोग आजादी से पहले वाला हिंदुस्तान वापस लाना चाहते हैं।"
उन्होंने भाजपा को 'डरपोक' करार देते हुए कहा कि ये डरपोक लोग हैं। इन्हें रोकने के लिए हमें एक साथ खड़ा होना होगा। जिस दिन हम सभी एकजुट हो गए, उस दिन नरेंद्र मोदी को पीछे हटना पड़ेगा और मनरेगा फिर से मजबूत हो जाएगा।"
यह कार्यक्रम 'रचनात्मक कांग्रेस' द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें देशभर के ग्रामीण मजदूरों ने हिस्सा लिया। राहुल गांधी ने लोगों से मनरेगा बचाने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया और कहा कि यह लड़ाई गरीबों के अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है। कांग्रेस ने घोषणा की है कि वह इस मुद्दे पर संसद से लेकर सड़क तक संघर्ष जारी रखेगी।