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ग्रेट निकोबार परियोजना पर राहुल गांधी का हमला, बोले- होटल-कैसीनो के लिए काटे जा रहे 1.5 करोड़ पेड़
 

 

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार इस परियोजना को राष्ट्रीय सुरक्षा और ट्रांसशिपमेंट पोर्ट से जोड़कर पेश कर रही है, जबकि वास्तविक उद्देश्य एक बड़े उद्योगपति को भारत की बहुमूल्य पारिस्थितिक संपदा पर होटल, कैसीनो और रियल एस्टेट परियोजनाएं विकसित करने में मदद करना है।

राहुल गांधी ने शुक्रवार को अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह की अपनी हालिया यात्रा पर आधारित 16 मिनट से अधिक का एक वीडियो जारी किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए इस वीडियो में उन्होंने कहा कि उन्होंने भारत के सबसे दक्षिणी छोर इंदिरा प्वाइंट का दौरा किया, सदियों पुराने पेड़ों के बीच समय बिताया और दुनिया की सबसे समृद्ध प्रवाल भित्तियों (कोरल रीफ) को करीब से देखा।

उन्होंने दावा किया कि ग्रेट निकोबार परियोजना के कारण आदिवासी समुदायों और पूर्व सैनिकों की जमीन छीनी जा रही है। राहुल गांधी ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम का उल्लंघन कर स्थानीय लोगों को विस्थापित किया जा रहा है और उन्हें उचित मुआवजा भी नहीं मिल रहा है।

आईएनएस बाज का विस्तार कीजिए, हम समर्थन करेंगे

राहुल गांधी ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना चाहती है तो उसे निकोबार स्थित नौसैनिक अड्डे आईएनएस बाज का विस्तार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नौसेना पिछले कई वर्षों से इसके विस्तार की मांग कर रही है, लेकिन सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े किसी भी कदम का पूरा समर्थन करेगी।

1.5 करोड़ पेड़ काटे जा रहे हैं

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि इस परियोजना के तहत लगभग 1.5 करोड़ पेड़ काटे जा रहे हैं और प्रवाल भित्तियों को सरकारी नक्शों से हटाकर पर्यावरणीय प्रभाव को कम दिखाने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना भारत के सबसे संवेदनशील और स्वच्छ पारिस्थितिक क्षेत्रों में से एक को गंभीर नुकसान पहुंचाएगी।

राहुल गांधी ने कहा, “योजना यह है कि हजारों पेड़ों को काटकर बाहर भेजा जाए, उनसे अरबों-खरबों रुपये कमाए जाएं और उसी धन से होटल, कैसीनो और रियल एस्टेट परियोजनाएं विकसित की जाएं।”

अडानी को फायदा पहुंचाने की कोशिश

राहुल गांधी ने बिना किसी ठोस साक्ष्य का उल्लेख किए आरोप लगाया कि परियोजना का उद्देश्य उद्योगपति गौतम अडानी को लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और नौसेना के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि होटल और गेस्ट हाउस जैसी परियोजनाओं का देश की रक्षा व्यवस्था से क्या संबंध है।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ट्रांसशिपमेंट पोर्ट की आवश्यकता का हवाला दे रही है, जबकि केरल में पहले से ही एक बड़ा ट्रांसशिपमेंट पोर्ट विकसित किया जा रहा है।

जयराम रमेश ने बताया ‘पारिस्थितिक आपदा

राहुल गांधी के वीडियो को साझा करते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी ग्रेट निकोबार परियोजना का विरोध किया। उन्होंने इसे “पारिस्थितिक आपदा” करार देते हुए कहा कि परियोजना के लिए पर्यावरण और वन संबंधी मंजूरियां गलत आधार पर दी गई हैं। रमेश ने दावा किया कि इसके समर्थन में दिए जा रहे रणनीतिक तर्क वास्तविकता से परे हैं और इसके अन्य विकल्प मौजूद हैं।

गौरतलब है कि ग्रेट निकोबार परियोजना को केंद्र सरकार सामरिक, आर्थिक और बुनियादी ढांचा विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण बता चुकी है। हालांकि परियोजना को लेकर पर्यावरणविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी दलों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।