राजस्थान के कोटा में बस हादसा, 8 की मौत, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर खाई में गिरी बस
राजस्थान के कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर शनिवार सुबह भीषण बस हादसा हुआ। भोपाल से खाटू श्याम मंदिर जा रही श्रद्धालुओं की बस 15 फीट गहरे नाले में गिर गई। हादसे में आठ लोगों की मौत हुई, जबकि कई यात्री घायल हो गए। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।
कोटा (राजस्थान): राजस्थान के कोटा जिले में शनिवार सुबह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। भोपाल से खाटू श्याम मंदिर जा रही श्रद्धालुओं से भरी बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे करीब 15 फीट गहरे नाले में जा गिरी। हादसे में अब तक आठ लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सुबह कराजस्थान के कोटा में बस हादसा, 8 की मौत; दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर खाई में गिरी बस
रीब 6 बजे हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, दुर्घटना शनिवार सुबह करीब छह बजे एक्सप्रेसवे पर किलोमीटर पोल संख्या 384 के पास हुई। बस में बुजुर्गों और बच्चों समेत करीब 25 यात्री सवार थे। बताया जा रहा है कि चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद बस सड़क से उतरकर गहरे नाले में जा गिरी।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। नाले में पानी और गाद जमा होने के कारण बचाव अभियान में परेशानी आई। क्षतिग्रस्त बस को बाहर निकालने के लिए क्रेन की मदद भी लेनी पड़ी।
अस्पताल पहुंचाए गए घायल यात्री
कोटा के जिला कलेक्टर पीयूष समारिया के मुताबिक, हादसे के बाद घायलों को न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल और एमबीएस अस्पताल पहुंचाया गया। न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लाए गए लोगों में से सात को मृत घोषित किया गया, जबकि एमबीएस अस्पताल में एक व्यक्ति की मौत हुई।
जिला प्रशासन के अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों के इलाज की जानकारी ली। हादसे में घायल लोगों का उपचार जारी है। दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जताया दुख
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हादसे में लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं।