राजनाथ सिंह ने जवानों को किया सतर्क, बोले- अब सीमाओं पर ही नहीं, सोशल मीडिया और साइबर स्पेस में भी लड़ी जा रही जंग
सिलीगुड़ी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब लड़ाई केवल देश की सीमाओं तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि प्रॉक्सी वॉर, ड्रोन हमले, साइबर अटैक और सोशल मीडिया के जरिए भ्रामक सूचनाएं फैलाना भी युद्ध की नई रणनीतियों का हिस्सा बन गया है। ऐसे में भारतीय सशस्त्र बलों के जवानों को पहले से अधिक सतर्क और सजग रहने की जरूरत है।
शनिवार को सेना के जवानों के साथ दीपावली मनाने सिलीगुड़ी पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बागडोगरा एयरफील्ड में भारतीय वायुसेना की पूर्वी वायु कमान की ओर से आयोजित दीपावली समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने जवानों और उनके परिवारों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं और देश की सुरक्षा में उनके योगदान की सराहना की।
सोशल मीडिया के जरिए भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे दुश्मन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में सुरक्षा चुनौतियां लगातार जटिल होती जा रही हैं। दुश्मन अब केवल पारंपरिक हथियारों के जरिए ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करके भी देश को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भ्रामक सूचनाएं फैलाकर लोगों को गुमराह करना, समाज में तनाव पैदा करना और गलत नैरेटिव तैयार करना भी आधुनिक युद्ध की रणनीतियों में शामिल हो चुका है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए जवानों को तकनीकी रूप से सक्षम होने के साथ हर परिस्थिति में सतर्क रहना होगा।
पूर्वोत्तर की सुरक्षा के लिए बागडोगरा बेहद महत्वपूर्ण
रक्षा मंत्री ने बागडोगरा क्षेत्र के सामरिक महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह इलाका देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। पूर्वोत्तर राज्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में इस क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि यहां तैनात वायुसेना के जवान पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए एक मजबूत ढाल के रूप में काम कर रहे हैं। उनकी सतर्कता और प्रतिबद्धता देश की रक्षा व्यवस्था को मजबूती प्रदान करती है।
तकनीक कभी नहीं ले सकती अनुशासन की जगह
राजनाथ सिंह ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक चाहे कितनी भी उन्नत क्यों न हो जाए, वह सैनिकों के अनुशासन, शिष्टाचार और कर्तव्यनिष्ठा का स्थान नहीं ले सकती।
उन्होंने जवानों को स्थानीय नागरिकों के साथ मजबूत संबंध बनाए रखने की सलाह दी। रक्षा मंत्री ने कहा कि बागडोगरा और आसपास के क्षेत्रों में सेना के प्रति लोगों का विश्वास और सम्मान काफी मजबूत है। जवान जितना अधिक स्थानीय लोगों के संपर्क में रहेंगे, उन्हें संदिग्ध गतिविधियों और दुश्मन के मंसूबों की जानकारी हासिल करने में उतनी ही मदद मिलेगी।
ड्रोन संचालन और साइबर सुरक्षा सीखने की पहल की सराहना
रक्षा मंत्री ने बदलती युद्ध तकनीकों के अनुरूप जवानों द्वारा ड्रोन संचालन सीखने और साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी हासिल करने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि आधुनिक चुनौतियों का सामना करने के लिए सशस्त्र बलों का नई तकनीकों में दक्ष होना आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने नव नियुक्त एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित को कार्यभार संभालने पर बधाई भी दी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, रक्षा मंत्री शनिवार शाम सुकना में सेना के जवानों से मुलाकात करेंगे।
रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि बदलते युद्ध के तौर-तरीकों के बीच तकनीकी दक्षता, अनुशासन, सतर्कता और आम नागरिकों के साथ मजबूत जुड़ाव ही देश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बना सकते हैं।