ममता बनर्जी के समर्थन में आए रामगोपाल यादव, बागी नेताओं पर बोला हमला, बोले- कूड़ेदान से निकालकर बनाया...
Jun 15, 2026, 19:30 IST
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर ममता बनर्जी का समर्थन किया है। सपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने टीएमसी में बगावत करने वाले नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिन लोगों को ममता बनर्जी ने राजनीतिक पहचान दी, वही आज उनके साथ विश्वासघात कर रहे हैं।
रामगोपाल यादव ने कहा कि जिन नेताओं को ममता बनर्जी ने "कूड़ेदान से निकालकर" विधानसभा और लोकसभा तक पहुंचाया, मंत्री बनाया और राजनीतिक भविष्य दिया, वही अब पार्टी छोड़कर अलग राह पर चल पड़े हैं। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की पार्टी आगे भी मजबूत रहेगी, लेकिन बागी नेताओं का राजनीतिक भविष्य अधर में लटक जाएगा।
भाजपा पर भी साधा निशाना
सपा नेता ने इस दौरान भारतीय जनता पार्टी पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केवल क्षेत्रीय दलों को कमजोर करने का प्रयास नहीं कर रही, बल्कि देश के संविधान और लोकतांत्रिक ढांचे को भी नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा विभाजनकारी राजनीति करती है और समाज को बांटने का काम कर रही है।
2027 विधानसभा चुनाव पर जताया भरोसा
उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी रामगोपाल यादव ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी 2027 का चुनाव जीतेगी और कार्यकर्ता अपने वोटों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे। उन्होंने कहा, "हम लोग जान देकर भी अपने वोट को बचाएंगे।"
कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमला
रामगोपाल यादव ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जिलों में डकैती और अन्य आपराधिक घटनाएं आम हो गई हैं। साथ ही उन्होंने पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।
टीएमसी में बढ़ता जा रहा है संकट
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी लगातार आंतरिक संकट से जूझ रही है। पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ चुका है और बड़ी संख्या में विधायक तथा सांसद नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं।
हाल के दिनों में पार्टी के कई विधायकों ने अलग गुट बनाकर विधानसभा में अपनी अलग पहचान बनाई है। वहीं लोकसभा में भी बागी सांसदों ने अलग समूह के रूप में मान्यता की मांग तेज कर दी है। ऐसे में ममता बनर्जी के सामने संगठन को एकजुट रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टीएमसी के भीतर चल रही यह खींचतान आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की राजनीति पर बड़ा असर डाल सकती है, जबकि विपक्षी दल इस पूरे घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
रामगोपाल यादव ने कहा कि जिन नेताओं को ममता बनर्जी ने "कूड़ेदान से निकालकर" विधानसभा और लोकसभा तक पहुंचाया, मंत्री बनाया और राजनीतिक भविष्य दिया, वही अब पार्टी छोड़कर अलग राह पर चल पड़े हैं। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की पार्टी आगे भी मजबूत रहेगी, लेकिन बागी नेताओं का राजनीतिक भविष्य अधर में लटक जाएगा।
भाजपा पर भी साधा निशाना
सपा नेता ने इस दौरान भारतीय जनता पार्टी पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केवल क्षेत्रीय दलों को कमजोर करने का प्रयास नहीं कर रही, बल्कि देश के संविधान और लोकतांत्रिक ढांचे को भी नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा विभाजनकारी राजनीति करती है और समाज को बांटने का काम कर रही है।
2027 विधानसभा चुनाव पर जताया भरोसा
उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी रामगोपाल यादव ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी 2027 का चुनाव जीतेगी और कार्यकर्ता अपने वोटों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे। उन्होंने कहा, "हम लोग जान देकर भी अपने वोट को बचाएंगे।"
कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमला
रामगोपाल यादव ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जिलों में डकैती और अन्य आपराधिक घटनाएं आम हो गई हैं। साथ ही उन्होंने पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।
टीएमसी में बढ़ता जा रहा है संकट
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी लगातार आंतरिक संकट से जूझ रही है। पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ चुका है और बड़ी संख्या में विधायक तथा सांसद नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं।
हाल के दिनों में पार्टी के कई विधायकों ने अलग गुट बनाकर विधानसभा में अपनी अलग पहचान बनाई है। वहीं लोकसभा में भी बागी सांसदों ने अलग समूह के रूप में मान्यता की मांग तेज कर दी है। ऐसे में ममता बनर्जी के सामने संगठन को एकजुट रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टीएमसी के भीतर चल रही यह खींचतान आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की राजनीति पर बड़ा असर डाल सकती है, जबकि विपक्षी दल इस पूरे घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।