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राम मंदिर दान घोटाले पर विनय कटियार का बड़ा बयान, बोले- गबन हुआ है, चंपत राय समेत 3 बड़े चेहरे जा सकते हैं जेल

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर बीजेपी नेता विनय कटियार ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा जेल जा सकते हैं। उन्होंने दान राशि के कथित गबन का आरोप लगाया। उधर SIT ने जांच की समयसीमा 15 दिन बढ़ाकर पूछताछ तेज कर दी है।
 

SIT Investigation Ayodhya: राम मंदिर में चढ़ावे की कथित गड़बड़ी को लेकर चल रही जांच के बीच भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और बजरंग दल के संस्थापक विनय कटियार के बयान ने राजनीतिक और धार्मिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने दावा किया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, एडमिनिस्ट्रेटर गोपाल राव और पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा के खिलाफ जांच आगे बढ़ने पर उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि चढ़ावे की राशि में गबन हुआ है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

'पैसे का गबन हुआ है, जांच अपना काम करेगी'

विनय कटियार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें स्पष्ट रूप से लगता है कि चढ़ावे की राशि में अनियमितता हुई है। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी चर्चा की थी। उनके अनुसार प्रधानमंत्री ने मामले के भविष्य को लेकर सवाल किया था, जिस पर उन्होंने भरोसा जताया कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।

कटियार ने कहा कि आने वाले समय में चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई संभव है और यदि जांच में आरोप साबित होते हैं तो उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है।

राम मंदिर आंदोलन और कल्याण सिंह का भी किया जिक्र

अपने बयान के दौरान विनय कटियार ने राम मंदिर आंदोलन के दिनों को याद करते हुए कहा कि इस आंदोलन में कई लोगों ने बलिदान दिया था। उन्होंने कहा कि उनके कई साथी इस संघर्ष में शहीद हुए थे।

उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को याद करते हुए कहा कि वे एक कुशल प्रशासक थे और राम मंदिर आंदोलन के दौरान उनके नेतृत्व ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। कटियार ने कहा कि उस दौर में परिस्थितियां कठिन थीं, लेकिन उन्हें विश्वास था कि अंततः भगवान श्रीराम की इच्छा से सब कुछ ठीक होगा।

SIT को जांच के लिए मिले 15 दिन और

राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी जांच की समयसीमा 15 दिन और बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच का दायरा विस्तृत किया जा रहा है ताकि मामले के प्रत्येक पहलू की गहराई से पड़ताल की जा सके।

जांच एजेंसी वित्तीय दस्तावेजों, लेन-देन, संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके।

SOG दफ्तर में आरोपी से पूछताछ तेज

इसी बीच उत्तर प्रदेश पुलिस ने मामले की जांच और तेज कर दी है। शुक्रवार को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने आरोपी अविनाश शुक्ला से अयोध्या स्थित अपने कार्यालय में लंबी पूछताछ की।

सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियां चढ़ावे के प्रबंधन, धनराशि के उपयोग और उससे जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जांच पर टिकी सभी की नजर

राम मंदिर देश की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। ऐसे में चढ़ावे से जुड़े इस मामले की जांच पर पूरे देश की नजर है। फिलहाल SIT जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित अनियमितताओं में किसकी क्या भूमिका रही। वहीं, विनय कटियार के बयान के बाद इस पूरे मामले ने राजनीतिक और सार्वजनिक विमर्श में नई हलचल पैदा कर दी है।