अब प्लास्टिक के होंगे ₹10 और ₹20 के नोट! 5 साल बाद RBI के बड़े प्रयोग को केंद्र की मंजूरी
केंद्र सरकार ने RBI को ₹10 और ₹20 के 200 करोड़ पॉलिमर (प्लास्टिक) नोटों के फील्ड ट्रायल की मंजूरी दे दी है। 15 साल बाद फिर शुरू हुए इस प्रयोग का उद्देश्य नोटों की मजबूती, सुरक्षा और लागत का आकलन करना है। फिलहाल कागजी नोट बंद नहीं होंगे।
भारत में करेंसी सिस्टम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत ₹10 और ₹20 के पॉलिमर (प्लास्टिक) बैंक नोटों का फील्ड ट्रायल किया जाएगा। करीब 15 साल बाद दोबारा शुरू हो रहे इस प्रयोग के तहत शुरुआती चरण में 100-100 करोड़ यानी कुल 200 करोड़ नोट जारी किए जाएंगे। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल मौजूदा कागजी नोटों को बंद करने या बदलने की कोई योजना नहीं है।
15 साल बाद फिर शुरू हुआ पॉलिमर नोटों का प्रयोग
RBI लंबे समय से पॉलिमर नोटों पर काम कर रहा था। इससे पहले भी लगभग 15 वर्ष पहले इस दिशा में प्रयास किए गए थे, लेकिन वह योजना आगे नहीं बढ़ सकी। अब केंद्र की मंजूरी मिलने के बाद रिजर्व बैंक वास्तविक परिस्थितियों में इन नोटों की उपयोगिता और टिकाऊपन की जांच करेगा। यदि फील्ड ट्रायल सफल रहता है तो भविष्य में इन नोटों को नियमित रूप से जारी करने पर विचार किया जाएगा।
पहले चरण में जारी होंगे 200 करोड़ नोट
सरकार ने फील्ड ट्रायल के लिए ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के 100-100 करोड़ पॉलिमर नोट जारी करने की अनुमति दी है। इन नोटों को अलग-अलग भौगोलिक और मौसम संबंधी परिस्थितियों में चलाकर यह परखा जाएगा कि वे सामान्य कागजी नोटों की तुलना में कितने टिकाऊ साबित होते हैं।
क्यों लाए जा रहे हैं प्लास्टिक के नोट?
पॉलिमर नोट पारंपरिक कागजी नोटों की तुलना में कई मामलों में बेहतर माने जाते हैं। इनके प्रमुख फायदे हैं-
सामान्य कागजी नोटों की तुलना में 2.5 से 4 गुना अधिक टिकाऊ।
पानी, नमी, धूल और फटने से बेहतर सुरक्षा।
नकली नोट तैयार करना अपेक्षाकृत कठिन।
बार-बार नए नोट छापने की जरूरत कम होने से लंबी अवधि में लागत में कमी।
सुरक्षा फीचर्स को और मजबूत बनाने की संभावना।
क्या बंद हो जाएंगे मौजूदा कागजी नोट?
इस फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मौजूदा कागजी ₹10 और ₹20 के नोट चलन से बाहर हो जाएंगे? इसका जवाब नहीं है।
केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट किया है कि फिलहाल पेपर करेंसी को हटाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। पॉलिमर नोट केवल परीक्षण के तौर पर जारी किए जाएंगे। ट्रायल के नतीजों के आधार पर ही आगे कोई फैसला लिया जाएगा।
RBI ने पहले ही शुरू कर दी थी तैयारी
केंद्र की मंजूरी से पहले ही RBI की करेंसी प्रिंटिंग इकाई भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL) ने पॉलिमर सब्सट्रेट शीट्स की खरीद के लिए वैश्विक स्तर पर अभिरुचि आमंत्रित (EOI) की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। इन शीट्स का इस्तेमाल परीक्षण के लिए नोट तैयार करने में किया जाएगा।
दुनिया के कई देशों में पहले से चल रहे हैं प्लास्टिक नोट
ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन समेत 50 से अधिक देशों में पॉलिमर बैंक नोट पहले से इस्तेमाल किए जा रहे हैं। इन देशों के अनुभवों के आधार पर माना जाता है कि प्लास्टिक नोट लंबे समय तक चलते हैं और नकली नोटों पर रोक लगाने में भी अधिक प्रभावी साबित होते हैं।
फिलहाल ट्रायल पर टिकी हैं निगाहें
अब सभी की नजर RBI के फील्ड ट्रायल पर रहेगी। यदि यह प्रयोग सफल रहा तो आने वाले वर्षों में भारत के करेंसी सिस्टम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि फिलहाल आम लोगों के लिए कोई बदलाव नहीं होगा और कागजी नोट पहले की तरह वैध मुद्रा बने रहेंगे।