RBI की नई लिमिट से बाजार में हलचल, रुपये को मिला फायदा
New Delhi : डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में गिरावट का सिलसिला थमता नजर आ रहा है। सोमवार, 6 अप्रैल को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 93 के स्तर पर पहुंच गया। गुरुवार (2 अप्रैल) के बंद भाव 93.10 की तुलना में रुपये में सुधार दर्ज किया गया है। पिछले हफ्ते रुपये में 1.8 फीसदी की तेजी आई थी, जो चार साल से अधिक समय में इसकी सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त मानी जा रही है।
RBI की सख्ती से बदला बाजार का रुख
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा उठाए गए सख्त कदमों का असर अब साफ दिखने लगा है। रिजर्व बैंक ने फॉरेक्स मार्केट में सट्टेबाजी पर लगाम लगाने के लिए नेट ओपन पोजिशन पर 100 मिलियन डॉलर की सीमा तय कर दी है। इससे पहले ट्रेडर्स और कॉर्पोरेट्स रुपये की कमजोरी पर बड़ा दांव लगाते थे, जिससे गिरावट और तेज हो जाती थी।
डॉलर की डिमांड में आई कमी
नई लिमिट लागू होने के बाद बड़े निवेशकों और बैंकों ने अपनी अतिरिक्त डॉलर होल्डिंग्स को कम करना शुरू कर दिया। इससे बाजार में डॉलर की सप्लाई बढ़ी और मांग घटी, जिसके चलते रुपये को मजबूती मिली।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत और विदेशी बैंकों के पास करीब 30 अरब डॉलर की ओपन पोजीशन थी, जो सट्टेबाजी या आर्बिट्रेज ट्रेड्स के लिए इस्तेमाल हो रही थी। नई पाबंदियों के कारण इन पोजीशनों को तेजी से बंद किया जा रहा है। इससे डॉलर की बिकवाली बढ़ी है और रुपये को सपोर्ट मिल रहा है।
निवेशकों के लिए संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर RBI की यह सख्ती जारी रहती है, तो आने वाले समय में रुपये में और स्थिरता देखने को मिल सकती है। हालांकि, वैश्विक बाजार के उतार-चढ़ाव और कच्चे तेल की कीमतें आगे भी रुपये की दिशा तय करेंगी।