आरक्षण कोई खैरात नहीं... चिराग पासवान ने साफ कहा- इसे कोई ताकत खत्म नहीं कर सकती
नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए जातिगत आरक्षण विरोधी आंदोलन के बीच आरक्षण के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आरक्षण कोई खैरात नहीं, बल्कि संविधान से मिला अधिकार है और इसे किसी भी ताकत के जरिए खत्म नहीं किया जा सकता।
चिराग पासवान ने कहा कि केवल किसी के कहने से आरक्षण समाप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, “आरक्षण कोई खैरात नहीं है जो किसी को दी जाती है, यह एक संवैधानिक अधिकार है और दुनिया की कोई भी ताकत इसे खत्म नहीं कर सकती।”
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जो लोग आरक्षण को खत्म करने की बात करते हैं, चाहे वह समीक्षा या सुधार के नाम पर हो, उन्हें यह समझना होगा कि आरक्षण की जरूरत क्यों पड़ी। उनके मुताबिक, समाज में आज भी भेदभाव की स्थिति पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।
आज भी जारी है भेदभाव
चिराग पासवान ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ उत्तराखंड में हुई घटना का उल्लेख करते हुए सामाजिक भेदभाव पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज भी दलित युवाओं को घोड़े पर चढ़ने से रोका जाता है और कई जगह दलित लड़कों की शादी का जुलूस निकालने में बाधाएं खड़ी की जाती हैं।
उन्होंने कहा कि बड़े नेताओं के मंदिर जाने के बाद कुछ स्थानों पर परिसर को गंगाजल से धोने जैसी घटनाएं भी सामने आती हैं। चिराग पासवान ने कहा कि ऐसी घटनाएं बताती हैं कि अनुसूचित जातियों के साथ भेदभाव की समस्या अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
आरक्षण व्यवस्था कमजोर नहीं होने दूंगा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब तक वह सरकार का हिस्सा हैं, वह आरक्षण की व्यवस्था को कमजोर नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा, “जब तक मैं यहां हूं और जब तक राम विलास पासवान का बेटा चिराग पासवान सरकार का हिस्सा है, मैं कभी भी इस व्यवस्था को कमजोर नहीं होने दूंगा।”
चिराग पासवान का यह बयान ऐसे समय आया है, जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर जातिगत आरक्षण के विरोध में आंदोलन को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। उनके बयान से आरक्षण के मुद्दे पर सरकार और राजनीतिक दलों के बीच चल रही बहस को और धार मिलने की संभावना है।