LPU में बवाल: छात्रों ने हाईवे किया जाम, CM भगवंत मान ने DGP गौरव यादव को ग्राउंड पर भेजा
चंडीगढ़। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में एक छात्रा से दुष्कर्म के आरोपों से जुड़े वायरल संदेश के बाद छात्रों के प्रदर्शन और नेशनल हाईवे जाम किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पूरे घटनाक्रम पर सख्त रुख अपनाते हुए मामले की गंभीरता से जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने पंजाब के डीजीपी गौरव यादव को स्वयं मौके पर जाकर हालात का जायजा लेने, छात्रों से बातचीत करने और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने मामले में कार्रवाई और निगरानी तेज कर दी है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वायरल मैसेज के बाद सड़क पर उतरे छात्र
एलपीयू में छात्रा से दुष्कर्म के आरोपों से संबंधित एक संदेश सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में छात्र यूनिवर्सिटी परिसर के आसपास सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन के दौरान नेशनल हाईवे जाम होने से जालंधर और लुधियाना के बीच यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।
एलपीयू से रामा मंडी होते हुए पीएपी तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शन जारी रहने के कारण पुलिस को यातायात व्यवस्था सामान्य करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
ट्रैफिक किया गया डायवर्ट
हाईवे पर जाम की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने कई मार्गों पर यातायात डायवर्ट किया। रामा मंडी की ओर आने वाले वाहनों को होशियारपुर रोड की तरफ भेजा गया, जबकि जालंधर से कैंट की ओर जाने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से कैंट और नकोदर मार्ग के जरिए आगे भेजा गया।
पुलिस अधिकारियों ने मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत भी की।
यूनिवर्सिटी ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने सोशल मीडिया पर प्रसारित संदेशों और दावों को झूठा, बेबुनियाद और मनगढ़ंत बताया है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए अपुष्ट सूचनाएं फैला रहे हैं, जिससे छात्रों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है और विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
यूनिवर्सिटी ने छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट संदेशों पर भरोसा न करें और आधिकारिक माध्यमों से जारी सूचनाओं को ही प्रमाणिक मानें।
FIR दर्ज, वायरल मैसेज के स्रोत की जांच
पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल हुए संदेश के स्रोत का भी पता लगाया जा रहा है।
साइबर सेल यह जांच कर रही है कि विवादित संदेश सबसे पहले किस नंबर या सोशल मीडिया अकाउंट से सामने आया और इसके बाद इसे किस तरह अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर फैलाया गया।