लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर घमासान, प्रियंका गांधी के आरोपों पर संबित पात्रा का पलटवार, बोले- सच्चाई यह है कि...
संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर जोरदार बहस देखने को मिली। चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। इसके बाद भाजपा सांसद संबित पात्रा ने उनके आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि सदन में कई तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया।
संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए संबित पात्रा ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा लाए गए एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी ने एक छात्रा का उदाहरण देते हुए दावा किया कि पुलिस की लाठीचार्ज में घायल होने के बाद उसे अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। पात्रा ने कहा कि यह दावा तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है।
उन्होंने कहा कि संबंधित छात्रा पुलिस कार्रवाई में नहीं, बल्कि प्रदर्शन के दौरान बनी भगदड़ जैसी स्थिति में घायल हुई थी। ऐसे में पुलिस की बर्बरता को उसकी चोट का कारण बताना तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करना है।
मीडिया पर टिप्पणी को लेकर भी जताई आपत्ति
संबित पात्रा ने प्रियंका गांधी की मीडिया संबंधी टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारतीय मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और उसका सम्मान किया जाना चाहिए। पात्रा ने कहा कि मीडिया को किसी राजनीतिक दल का "पालतू" बताना निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि संसद में न्यायपालिका, विधायिका और कार्यपालिका की तरह मीडिया का भी सम्मान होना चाहिए, क्योंकि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
फिलहाल, एंटी पेपर लीक बिल को लेकर संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस तेज बनी हुई है। विपक्ष सरकार पर छात्रों के मुद्दों की अनदेखी का आरोप लगा रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि नया कानून परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और नकल माफिया पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।