{"vars":{"id": "130921:5012"}}

केरल में धर्मनिरपेक्षता को बढ़ावा: नई शैक्षिक संस्थाओं के नाम धर्म के आधार पर नहीं रखे जाएंगे

 

केरल I केरल सरकार ने धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह तय किया गया कि अब राज्य में स्थापित होने वाले नए सरकारी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और अन्य शैक्षिक संस्थानों के नाम धर्म के आधार पर नहीं रखे जाएंगे।

कैबिनेट बैठक के बाद जारी सरकारी बयान में कहा गया कि इस फैसले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी शैक्षिक संस्थान संविधान में निहित समानता, समावेशिता और धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों को प्रतिबिंबित करें। हालांकि यह निर्णय केवल भविष्य में स्थापित होने वाली संस्थाओं पर लागू होगा। पहले से संचालित सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के नामों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

जे.बी. कोशि आयोग की रिपोर्ट को मंजूरी

कैबिनेट ने न्यायमूर्ति जे.बी. कोशि आयोग की रिपोर्ट को भी मूल रूप से मंजूरी दे दी है। साथ ही इसे आधिकारिक रूप से प्रकाशित करने का निर्णय लिया गया है। यह आयोग राज्य में ईसाई अल्पसंख्यकों की शिक्षा, आर्थिक पिछड़ेपन और कल्याण से जुड़े मुद्दों के अध्ययन के लिए गठित किया गया था।

‘केरल’ से ‘केरलम’ नाम परिवर्तन को केंद्रीय मंजूरी

इसी दिन राज्य से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आई। केंद्रीय कैबिनेट ने ‘केरल’ का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। 24 फरवरी को हुई बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। नाम परिवर्तन के इस फैसले के बाद राज्य देशभर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।