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चीन को झटका! रूस का तेल टैंकर बीच रास्ते से मुड़ा, अब भारत बनेगा सबसे बड़ा खरीदार

 

New Delhi : अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते वैश्विक ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है। इसी बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां चीन जा रहा एक रूसी तेल टैंकर अचानक अपना रास्ता बदलकर भारत की ओर बढ़ गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कच्चे तेल से लदा अफ्रामैक्स टैंकर एक्वा टाइटन अब न्यू मैंगलोर बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है और इसके 21 मार्च को पहुंचने की संभावना है। यह जहाज बाल्टिक सागर से तेल लेकर पहले रिझाओ जा रहा था, लेकिन मार्च के मध्य में दक्षिण चीन सागर से मुड़कर भारत की दिशा में रवाना हो गया।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव ऐसे समय पर हुआ है जब Strait of Hormuz को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जहां से दुनिया की 20 प्रतिशत से अधिक तेल और एलपीजी आपूर्ति गुजरती है। इस मार्ग में किसी भी बाधा से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ सकता है।

इसी बीच भारत ने रूस से कच्चे तेल की खरीद बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय रिफाइनरियों ने हाल के दिनों में करीब 30 मिलियन बैरल रूसी तेल खरीदा है, जिससे आपूर्ति संबंधी चिंताओं को कम करने की कोशिश की जा रही है।

एनालिटिक्स फर्म के आंकड़ों के अनुसार, हाल के हफ्तों में कम से कम सात रूसी तेल टैंकरों ने चीन के बजाय भारत का रुख किया है। इससे संकेत मिलता है कि भारत एक बार फिर रूस के लिए प्रमुख खरीदार के रूप में उभर रहा है।

इसके अलावा एक अन्य टैंकर Juju N भी सिक्का बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है और इसके 25 मार्च तक पहुंचने की उम्मीद है। विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ती मांग और आपूर्ति की अनिश्चितता के चलते आने वाले समय में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिल सकता है।