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शोपियां में सुरक्षा बलों का बड़ा एक्शन, हलगाम हमले से जुड़ा आतंकी जाकिर गनी एनकाउंटर में ढेर

जम्मू-कश्मीर के शोपियां में सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लश्कर-ए-तैयबा के A++ श्रेणी के आतंकी जाकिर अहमद गनी और उसके साथी को मुठभेड़ में मार गिराया। जाकिर का नाम पहलगाम आतंकी हमले की जांच में भी सामने आया था। जानिए ऑपरेशन की पूरी कहानी।
 

Shopian Encounter Zakir Ahmad Ganie: जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षा बलों ने शनिवार रात आतंकवाद के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के A++ श्रेणी के आतंकी जाकिर अहमद गनी और उसके साथी लतीफ भट्ट को मुठभेड़ में मार गिराया। दोनों आतंकियों के मारे जाने के साथ ही दक्षिण कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका माना जा रहा है।

खुफिया सूचना के बाद शुरू हुआ ऑपरेशन

सुरक्षा एजेंसियों को शोपियां के चनपोरा (Chanpora) गांव में आतंकियों की मौजूदगी की विश्वसनीय सूचना मिली थी। इसके बाद भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और विशेष अभियान समूह (SOG) ने संयुक्त रूप से इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

सूत्रों के अनुसार शाम करीब 7:45 बजे आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में मुठभेड़ शुरू हुई। देर रात तक चले ऑपरेशन में दोनों आतंकवादी मारे गए।

जाकिर गनी था A++ श्रेणी का मोस्ट वांटेड आतंकी

मारा गया जाकिर अहमद गनी कुलगाम जिले का रहने वाला था और सुरक्षा एजेंसियों की सूची में A++ श्रेणी का आतंकी माना जाता था। वह लश्कर-ए-तैयबा के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा था और कई आतंकी वारदातों में उसका नाम सामने आ चुका था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की अदालत ने अक्टूबर 2025 में उसके खिलाफ उद्घोषणा नोटिस भी जारी किया था। सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थीं।

पहलगाम आतंकी हमले की जांच में भी आया था नाम

जाकिर गनी का नाम इस वर्ष पहलगाम आतंकी हमले की जांच के दौरान भी सामने आया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक वह स्थानीय आतंकियों के उस नेटवर्क का हिस्सा था, जिसकी गतिविधियों की जांच की जा रही थी। उस पर घाटी में सुरक्षा बलों पर हमलों और चुनिंदा हत्याओं में शामिल होने के भी आरोप थे।

CCTV फुटेज से मिली थी अहम जानकारी

ऑपरेशन से पहले सुरक्षा एजेंसियों को हाल ही में एक CCTV फुटेज मिला था, जिसमें जाकिर गनी एक अन्य आतंकी के साथ शोपियां क्षेत्र में दिखाई दिया था। इसी इनपुट के आधार पर इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया गया और बाद में दोनों आतंकियों को घेर लिया गया।

सेना और पुलिस ने संयुक्त रूप से चलाया अभियान

इस पूरे ऑपरेशन में भारतीय सेना की 44, 20 और 34 राष्ट्रीय राइफल्स (Rashtriya Rifles), 3 पैरा यूनिट तथा जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेरकर आतंकियों के भागने के सभी संभावित रास्तों को बंद कर दिया था, जिसके बाद दोनों आतंकियों को मार गिराया गया।