{"vars":{"id": "130921:5012"}}

सिद्धारमैया का बड़ा ऐलान, 2028 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे; बोले- राजनीति में बढ़ गया है भ्रष्टाचार

 

कर्नाटक की राजनीति से बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने ऐलान किया है कि वह साल 2028 में होने वाला विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर अपने इस फैसले की जानकारी दी।

सिद्धारमैया ने अपने फैसले के पीछे उम्र और स्वास्थ्य को बड़ी वजह बताया। उन्होंने कहा कि वह अब 79 साल के हो चुके हैं और मौजूदा सरकार का कार्यकाल पूरा होने तक उनकी उम्र करीब 81-82 साल हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अब पहले जैसी ऊर्जा और उत्साह के साथ काम करना उनके लिए संभव नहीं है।

'आज राजनीति में भ्रष्टाचार आ गया है, इसलिए चुनाव नहीं लड़ूंगा'

मांड्या जिले के के.आर. पेट में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सिद्धारमैया ने कहा कि आज राजनीति में भ्रष्टाचार काफी बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि इसी माहौल को देखते हुए उन्होंने 2028 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है।

उन्होंने हालांकि यह भी साफ किया कि वह राजनीति से पूरी तरह दूर नहीं होंगे। सिद्धारमैया ने कहा कि वह सक्रिय राजनीति में बने रहेंगे और जनता के मुद्दों को उठाते रहेंगे।

50 साल के राजनीतिक सफर का किया जिक्र

सिद्धारमैया ने अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि उन्होंने 1978 में तालुक बोर्ड सदस्य के रूप में राजनीति की शुरुआत की थी। करीब पांच दशक के इस सफर में उन्होंने जीत और हार दोनों देखी हैं।

उन्होंने कहा कि उन्हें संतोष है कि उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और न ही अपनी अंतरात्मा के खिलाफ कोई काम किया।

'पहले जनता चुनाव लड़ने में मदद करती थी, अब हालात बदल गए हैं'

कांग्रेस नेता ने कहा कि पहले जब वह चुनाव लड़ते थे तो क्षेत्र की जनता खुद उनका सहयोग करती थी और जीत सुनिश्चित करने में मदद करती थी। लेकिन आज परिस्थितियां बदल गई हैं।

उन्होंने कहा कि अब चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवारों को लोगों को पैसे देने पड़ते हैं और राजनीति में भ्रष्टाचार बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में ईमानदार राजनीति करना मुश्किल हो गया है।

जनसेवा जारी रखने का किया वादा

सिद्धारमैया ने कहा कि भले ही वह चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन जनता से उनका रिश्ता हमेशा बना रहेगा। उन्होंने कहा कि पांच दशकों तक राज्य की जनता ने उन्हें अपना समझकर प्यार और समर्थन दिया है और वह आगे भी जनसेवा के लिए समर्पित रहेंगे।