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दूसरे त्योहारों पर चुप्पी, फिर नमाज पर सवाल क्यों? CM योगी के बयान पर भड़कीं इकरा हसन

 

Lucknow : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सड़कों पर नमाज अदा करने को लेकर दिए गए बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है। इकरा हसन ने मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी समुदाय को निशाना बनाने का अधिकार किसी को नहीं है और सड़कें सभी नागरिकों की साझा संपत्ति हैं।

समाजवादी पार्टी सांसद इकरा हसन ने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि सड़कें समाज और जनता की संपत्ति हैं। जिस तरह अन्य त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान सड़कों का उपयोग होता है और उस पर कोई आपत्ति नहीं होती, उसी तरह कुछ मिनटों की नमाज पर भी आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा था कि उनकी सरकार सड़क जाम करके नमाज या किसी भी धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं देगी। उन्होंने कहा था कि सड़कें आवागमन के लिए होती हैं, न कि अवरोध पैदा करने के लिए। मुख्यमंत्री ने लोगों से निर्धारित धार्मिक स्थलों पर ही प्रार्थना करने की अपील की थी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि किसी धार्मिक स्थल पर पर्याप्त जगह नहीं है, तो लोगों को अलग-अलग पालियों में नमाज अदा करनी चाहिए। उन्होंने कहा था कि अगर नमाज पढ़ना जरूरी है तो पालियों में पढ़िए। हम प्रार्थना करने से नहीं रोकेंगे, लेकिन सड़कों पर इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी।

सीएम योगी ने चेतावनी देते हुए कहा था कि राज्य में सड़कों पर अराजकता फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी और कानून का राज कायम रहेगा। उन्होंने कहा था कि सरकार पहले संवाद को प्राथमिकता देती है, लेकिन नियमों का पालन नहीं होने पर कार्रवाई भी की जाएगी।

मुख्यमंत्री का यह बयान ईद-उल-अजहा से कुछ दिन पहले आया है, जिसे इस वर्ष 28 मई को मनाया जाएगा। बयान के बाद राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।