{"vars":{"id": "130921:5012"}}

सफदरजंग अस्पताल से सोनम वांगचुक का देश के नाम संदेश, बोले- 20 जुलाई, आजादी का दूसरा आंदोलन...

 

 

नई दिल्ली। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी पत्नी के माध्यम से देशवासियों के नाम एक संदेश जारी किया है। शनिवार को दिल्ली पुलिस द्वारा उन्हें जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल से अस्पताल ले जाने के बाद यह पहला सार्वजनिक संदेश सामने आया है।

सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में सोनम वांगचुक ने लिखा, "20 जुलाई... आजादी का दूसरा आंदोलन... भय मुक्त भारत, अन्याय मुक्त भारत।" उन्होंने लोगों से संसद मार्च को सफल बनाने की अपील करते हुए कहा कि यह आंदोलन अन्याय और डर से मुक्ति के लिए है।

'पेपर लीक और डर से आजादी' की बात

अपने संदेश में सोनम वांगचुक ने लिखा कि यह आंदोलन कथित पेपर लीक जैसे अन्याय और अपनी कथित गैर-कानूनी हिरासत जैसे मामलों के खिलाफ है। उन्होंने लोगों से अपील की कि संसद तक प्रस्तावित मार्च को व्यापक जनसमर्थन दें।

पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा कि यह संदेश सफदरजंग अस्पताल में अपनी कथित अवैध हिरासत से उनकी पत्नी गीतांजलि के माध्यम से भेजा गया है।

Message from Sonam :

20th JULY

आज़ादी का दूसरा आन्दोलन
भय मुक्त भारत, अन्याय मुक्त भारत

Freedom from injustice (Like paper leaks)
Freedom from Fear (my illegal detention)

India’s 2nd FREEDOM MOVEMENT
March to the Parliament
Please make it a big success

Sent through… pic.twitter.com/XYeUXgUxJH

— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 19, 2026




पत्नी ने लगाए थे पुलिस पर आरोप

शनिवार को सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मों सफदरजंग अस्पताल पहुंची थीं। उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें सोनम वांगचुक से मिलने नहीं दिया गया और मोबाइल फोन भी अंदर ले जाने की अनुमति नहीं मिली। इन आरोपों पर दिल्ली पुलिस की ओर से तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं की गई।

डॉक्टरों की निगरानी में हैं सोनम वांगचुक

सफदरजंग अस्पताल द्वारा रविवार सुबह जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, सोनम वांगचुक की स्थिति फिलहाल स्थिर है। हालांकि लंबे समय से भूख हड़ताल पर रहने के कारण उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ा है।

अस्पताल प्रशासन ने बताया कि वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सकों के साथ एम्स, दिल्ली के विशेषज्ञ भी उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। डॉक्टरों की सलाह के अनुसार उन्हें 24 घंटे क्लिनिकल मॉनिटरिंग और लगातार चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यकता है। साथ ही उनके ब्लड पैरामीटर्स और अन्य स्वास्थ्य संकेतकों की नियमित निगरानी की जा रही है।