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'Sorry to break it to you... मोदी कहीं नहीं जाएंगे', INDIA ब्लॉक की रैली से पहले BJP का तंज

 

नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली INDIA ब्लॉक की रैली से पहले देश की सियासत गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर विपक्ष पर निशाना साधा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को लेकर पार्टी ने कहा कि मोदी कहीं नहीं जाएंगे। बीजेपी की इस टिप्पणी को विपक्ष की ओर से केंद्र सरकार को घेरने की कोशिशों के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।

 BJP ने X पर क्या लिखा?

बीजेपी ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'Sorry to break it to you, all anti-Indian forces, BUT Modi kahi nahi jayega।' इसका मतलब है कि देश विरोधी ताकतों को बता दें कि मोदी कहीं नहीं जाएंगे। पार्टी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दल दिल्ली में एक बड़ी रैली की तैयारी कर रहे हैं।

1 नवंबर को रामलीला मैदान में जुटेगा विपक्ष

कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के सहयोगी दलों ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली आयोजित करने की घोषणा की है। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में अनियमितताएं हो रही हैं। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठा रहे हैं।

खरगे के बयान के बाद बढ़ा सियासी विवाद

बीजेपी की यह टिप्पणी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद आई है। इस बयान को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला बोला है। ऐसे में विपक्ष की रैली से पहले दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।

 रैली टालने की मांग कर रहे व्यापारी

INDIA ब्लॉक की रैली को लेकर दिल्ली के व्यापारी संगठनों ने भी चिंता जताई है। व्यापारियों का कहना है कि रैली के कारण सड़कें बंद होने, ट्रैफिक डायवर्जन और सुरक्षा व्यवस्था के चलते बाजारों में कारोबार प्रभावित हो सकता है।

व्यापारी संगठनों ने कांग्रेस नेतृत्व से अपील की है कि रैली को दिवाली के बाद आयोजित किया जाए, ताकि त्योहारों के दौरान बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित न हो। उनका कहना है कि त्योहारों के समय कारोबार पर असर पड़ने से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

फिलहाल, 1 नवंबर को होने वाली इस रैली को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। अब देखना होगा कि विपक्ष की यह रैली केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ उसके अभियान को कितना प्रभावी बनाती है।