कोलकाता सहित पूर्वी भारत में भूकंप के तेज झटके, 6.0 तीव्रता, लोग सड़कों पर निकले
कोलकाता I म्यांमार में मंगलवार शाम को आए 6.0 तीव्रता के भूकंप के झटके कोलकाता सहित दक्षिण बंगाल के कई जिलों में तेजी से महसूस किए गए। इससे आम लोगों में दहशत फैल गई और कई इलाकों में लोग डर के मारे घरों से बाहर सड़कों पर निकल आए। फिलहाल किसी बड़े जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
भूकंप के झटके रात करीब 9:04-9:05 बजे महसूस हुए। कोलकाता के अलावा हावड़ा, हुगली और अन्य पड़ोसी जिलों में भी धरती कांपी। उत्तरी बंगाल के कुछ हिस्सों में भी इसका असर देखा गया। बांग्लादेश और उत्तर-पूर्व भारत के कई क्षेत्रों में भी ये कंपन महसूस किए गए, जिससे वहां भी लोग सतर्क हो गए।
भूकंप का केंद्र म्यांमार में
प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, भूकंप का केंद्र म्यांमार के मगवे क्षेत्र में था, जो सित्तवे (अक्याब) से लगभग 70-95 किमी पूर्व या उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थित था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.9 से 6.1 के बीच बताई गई है (विभिन्न एजेंसियों के अनुसार 5.9 से 6.0), जबकि गहराई 10 से 63 किलोमीटर तक दर्ज की गई। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) और अन्य सिस्मोलॉजिकल एजेंसियों ने इसे 6.0 माना है।
यह म्यांमार में हाल के दिनों का एक मजबूत भूकंप है, जहां भूकंपीय गतिविधियां आम हैं क्योंकि यह क्षेत्र प्लेट टेक्टॉनिक्स की दृष्टि से संवेदनशील है।
भूकंप क्यों आता है?
पृथ्वी की सतह सात प्रमुख टेक्टॉनिक प्लेटों से बनी है, जो लगातार हिलती-डुलती रहती हैं। जहां ये प्लेटें आपस में टकराती या खिसकती हैं, वहां फॉल्ट लाइन बनती है। दबाव बढ़ने पर प्लेटें टूटती हैं और अचानक ऊर्जा बाहर निकलती है, जिससे भूकंप आता है।
भूकंप का केंद्र और तीव्रता क्या होती है?
भूकंप का केंद्र (हाइपोसेंटर) वह स्थान है जहां से ऊर्जा निकलती है, जबकि एपिसेंटर सतह पर ठीक ऊपर का बिंदु होता है। तीव्रता रिक्टर स्केल पर मापी जाती है, जो 1 से 9+ तक होती है। जितनी अधिक तीव्रता, उतनी अधिक ऊर्जा और संभावित क्षति। 6.0 की तीव्रता मध्यम से मजबूत होती है, जो दूर-दूर तक महसूस हो सकती है, लेकिन आमतौर पर बड़े नुकसान नहीं पहुंचाती जब तक गहराई कम न हो।