रांची में छात्र आंदोलन तेज, बोले- बंद कमरे में नहीं, मीडिया के सामने होगी बातचीत
Ranchi : झारखंड की राजधानी रांची में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और धांधली के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। आंदोलन के बीच प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की पहल की है, लेकिन छात्रों ने अपनी शर्तें स्पष्ट कर दी हैं।
बुधवार को अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) रांची धरना स्थल पहुंचे और छात्रों से सरकार के साथ वार्ता के लिए पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भेजने की अपील की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से संदेश दिया गया है और शाम 4 बजे सर्किट हाउस में वार्ता के लिए सरकार तैयार है।
छात्रों ने रखी शर्त
हालांकि, आंदोलनकारी छात्रों ने बंद कमरे में बातचीत से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि वार्ता मीडिया की मौजूदगी में सार्वजनिक रूप से होनी चाहिए। छात्रों ने मांग की कि यदि सरकार वास्तव में समाधान चाहती है तो मुख्यमंत्री स्वयं धरना स्थल पर आकर उनसे संवाद करें।
धरना स्थल पर प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का दौर जारी है। प्रशासन छात्रों को वार्ता के लिए मनाने की कोशिश कर रहा है, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
आंदोलन को मिला समर्थन
इस बीच आंदोलन को समर्थन देने के लिए चर्चित लेखक नीलोत्पल मृणाल भी धरना स्थल पहुंचे और छात्रों से मुलाकात की। वहीं, झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में एनडीए के विधायक भी आंदोलनरत छात्रों से मिलने पहुंचे।
राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। माना जा रहा है कि एनडीए नेताओं की इस मुलाकात के बाद छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है। वहीं, सभी की नजर सरकार और छात्रों के बीच संभावित वार्ता के नतीजे पर बनी हुई है।