{"vars":{"id": "130921:5012"}}

पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक, सरकार ने कहा- LPG सप्लाई सामान्य; PM मोदी की अपील के बाद बताए हालात
 

 

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संकट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव के बीच भारत सरकार ने देशवासियों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने की अपील की है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में फिलहाल ईंधन की कोई कमी नहीं है, लेकिन वैश्विक हालात को देखते हुए ऊर्जा बचत बेहद जरूरी हो गई है।

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने प्रेस वार्ता में बताया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi ने लोगों से सार्वजनिक परिवहन, कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो वहां मेट्रो और अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग किया जाए, ताकि ईंधन की बचत हो सके और देश पर बढ़ रहे आर्थिक बोझ को कम किया जा सके।

देश में पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं

मंत्रालय ने भरोसा दिलाया कि देश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन खत्म होने जैसी स्थिति नहीं है। एलपीजी सप्लाई भी सामान्य बनी हुई है।

सरकार के मुताबिक, पिछले तीन दिनों में 1 करोड़ 14 लाख एलपीजी बुकिंग के मुकाबले 1 करोड़ 26 लाख सिलेंडरों की डिलीवरी की गई। वहीं कमर्शियल एलपीजी की बिक्री 17 हजार टन से अधिक और ऑटो एलपीजी की बिक्री 762 टन से ज्यादा दर्ज की गई है।

सरकार की चिंता क्या है?

सरकार का कहना है कि पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ा है। भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए ऊर्जा संरक्षण इस समय बेहद जरूरी हो गया है।

मंत्रालय ने कहा कि अगर लोग निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करेंगे और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देंगे तो विदेशी मुद्रा पर दबाव कम होगा और अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी। सरकार का मानना है कि ऊर्जा बचत केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि इसमें हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है।

पीएम मोदी ने लोगों से क्या अपील की?

हैदराबाद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों से कई अहम अपीलें कीं—

  • कम से कम एक साल तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचें
  • पेट्रोल-डीजल का संयम से उपयोग करें
  • निजी वाहनों की जगह मेट्रो और पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाएं
  • कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दें
  • माल ढुलाई के लिए रेलवे को प्राथमिकता दें
  • ‘वर्क फ्रॉम होम’ और वर्चुअल मीटिंग्स को फिर से बढ़ावा दें
  • गैर-जरूरी विदेश यात्राएं और डेस्टिनेशन वेडिंग टालें
  • खाने के तेल के उपयोग में लगभग 10% कटौती करें
  • ‘वोकल फॉर लोकल’ और स्वदेशी उत्पादों को अपनाएं
  • किसानों से प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने की अपील करें

सरकार ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय संकट के बावजूद देश में जरूरी सेवाएं बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगी और आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।