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NEET पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- NTA ने पिछली गलतियों से नहीं सीखा

 

New Delhi : सुप्रीम कोर्ट ने NEET पेपर लीक मामले में कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने 2024 के पेपर लीक प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने पिछली घटनाओं से कोई सबक नहीं लिया।

जस्टिस पी. एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने NTA को मामले में विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही परीक्षा प्रक्रिया में सुधार के लिए गठित राधाकृष्णन कमेटी को भी हलफनामा दायर करने को कहा गया है।

29 मई को होगी अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 29 मई तय की है। कोर्ट ने सभी याचिकाओं की प्रतियां सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को उपलब्ध कराने का आदेश भी दिया, ताकि वह सुनवाई में अदालत की सहायता कर सकें। बेंच ने कहा कि NTA अपने हलफनामे में यह स्पष्ट करे कि हाई पावर्ड कमेटी की सिफारिशों को लागू करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।

मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली NEET परीक्षा इस वर्ष 3 मई को कराई गई थी। पेपर लीक की जानकारी सामने आने के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। अब दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।

कंप्यूटर आधारित परीक्षा कराने की मांग

परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।

याचिकाओं में मांग की गई है कि 21 जून को होने वाली परीक्षा पेन-पेपर मोड के बजाय कंप्यूटर आधारित कराई जाए। इसके अलावा सुप्रीम Court के पूर्व जज की निगरानी में हाई पावर्ड कमेटी गठित करने और NTA को भंग कर नई संस्था बनाने की मांग भी उठाई गई है।

राधाकृष्णन कमेटी की रिपोर्ट पर नजर

सुनवाई के दौरान जस्टिस नरसिम्हा ने याद दिलाया कि 2024 में NEET-UG पेपर लीक के बाद केंद्र सरकार ने इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति बनाई थी।

कोर्ट ने कहा कि वह पहले NTA और राधाकृष्णन कमेटी का जवाब देखना चाहता है, उसके बाद ही आगे कोई आदेश पारित किया जाएगा।