फिल्म ‘कहानी 2’ विवाद में निर्देशक सुजॉय घोष को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, आपराधिक केस रद्द
New Delhi : फिल्म निर्देशक सुजॉय घोष को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने वर्ष 2016 में रिलीज फिल्म Kahaani 2: Durga Rani Singh को लेकर दर्ज आपराधिक केस को रद्द कर दिया है। यह मामला झारखंड के हजारीबाग में लंबित था, जिसमें एक लेखक ने फिल्म को अपनी स्क्रिप्ट पर आधारित बताते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।
मामले की शुरुआत तब हुई जब हजारीबाग निवासी लेखक उमेश प्रसाद मेहता ने आरोप लगाया कि उनकी अप्रकाशित स्क्रिप्ट ‘सबक’ की कहानी पर ही फिल्म बनाई गई है। उन्होंने कॉपीराइट एक्ट की धारा 63 के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए निर्देशक के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज कराया था।
मेहता का दावा था कि उन्होंने वर्ष 2015 में अपनी स्क्रिप्ट सुजॉय घोष के साथ साझा की थी, ताकि कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन के लिए उनसे एक सिफारिश पत्र मिल सके। उनका आरोप था कि निर्देशक ने बिना जानकारी दिए उसी स्क्रिप्ट के आधार पर फिल्म बना दी।
इस याचिका पर 7 जून 2018 को सीजेएम कोर्ट, हजारीबाग ने सुजॉय घोष को समन जारी किया था। इसके खिलाफ निर्देशक ने Jharkhand High Court का रुख किया, लेकिन 22 अप्रैल 2025 को हाई कोर्ट ने कहा कि समन के स्तर पर हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है और उन्हें निचली अदालत में अपनी बात रखनी चाहिए।
इसके बाद सुजॉय घोष ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की। उनकी ओर से दलील दी गई कि फिल्म की स्क्रिप्ट उन्होंने वर्ष 2012 में लिखी थी और दिसंबर 2013 में Screenwriters Association में उसका रजिस्ट्रेशन भी कराया गया था। ऐसे में शिकायतकर्ता का 2015 में स्क्रिप्ट साझा करने का दावा निराधार है।
सुप्रीम कोर्ट में यह भी कहा गया कि यह मूल रूप से सिविल प्रकृति का विवाद है, जिसे आपराधिक केस के रूप में दायर किया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने 10 मार्च को फैसला सुरक्षित रखा था। अब अदालत ने निर्देशक को राहत देते हुए आपराधिक मामला रद्द कर दिया है।