सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: JP एसोसिएट्स डील पर रोक लगाने से इनकार, अदाणी बोली आगे बढ़ेगी
नई दिल्ली: जेपी एसोसिएट्स (JP Associates) के अधिग्रहण को लेकर अदाणी (Adani) और वेदांता (Vedanta) के बीच जारी लड़ाई में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अदाणी ग्रुप की 14,535 करोड़ रुपये की बोली पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है, जिससे गौतम अदाणी के बढ़ते साम्राज्य को रोकने की वेदांता की कोशिशों को झटका लगा है।
क्या है मामला?
अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें अदाणी की अधिग्रहण प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार किया गया था। वेदांता का कहना था कि जब तक विवाद सुलझ नहीं जाता, तब तक अदाणी की डील को रोका जाए। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इस प्रक्रिया में दखल देने से इंकार कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या निर्देश दिए?
- दलीलें पेश करने का निर्देश: कोर्ट ने दोनों पक्षों को 10 अप्रैल से NCLAT के सामने अपनी दलीलें रखने को कहा।
- जल्द निपटारा: सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिब्यूनल से जल्द से जल्द इस विवाद का निपटारा करने का आदेश दिया।
- पॉलिसी निर्णय पर रोक: फैसला आने तक JP एसोसिएट्स की मॉनिटरिंग कमेटी NCLAT की मंजूरी के बिना कोई बड़ा नीतिगत फैसला नहीं ले सकेगी।
विवाद की जड़
जेपी एसोसिएट्स दिवाला प्रक्रिया (Insolvency) से गुजर रही है। पिछले साल नवंबर में कर्जदाताओं ने वेदांता को दरकिनार कर अदाणी एंटरप्राइजेज के प्लान को मंजूरी दी थी, जिसे NCLT ने भी अनुमोदित किया। वेदांता ने इस फैसले को दो अलग अपीलों के जरिए चुनौती दी है, जिसमें डील की वैधता पर सवाल उठाए गए हैं।