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UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, अखिलेश यादव बोले- नीयत साफ हो तो...

 

यूजीसी के नए नियमों को लेकर देशभर में चल रही बहस के बीच गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने इन नियमों पर अंतरिम रोक लगाते हुए यूजीसी और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी माना कि इन नियमों के दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

इस फैसले के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं।

यूजीसी पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि सच्चा न्याय वही होता है, जिसमें किसी के साथ अन्याय न हो और यही काम न्यायपालिका करती है। उन्होंने लिखा कि किसी भी कानून की भाषा ही नहीं, उसकी भावना भी स्पष्ट और निष्पक्ष होनी चाहिए। अखिलेश ने कहा कि मुद्दा सिर्फ नियमों का नहीं, बल्कि नीयत का भी होता है। न किसी पर जुल्म होना चाहिए और न ही किसी के साथ नाइंसाफी।
 



 

केंद्रीय बजट और मेट्रो नेटवर्क पर भी सरकार को घेरा

यूजीसी के मुद्दे के साथ-साथ अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में केंद्रीय बजट और मेट्रो नेटवर्क को लेकर भी केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बड़े-बड़े मंचों से देश में सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क की बात करते हैं, लेकिन हकीकत इससे अलग है।

अखिलेश यादव ने दावा किया कि नोएडा से ग्रेटर नोएडा और नोएडा से दिल्ली को जोड़ने वाली मेट्रो लाइनें समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान बनाई गई थीं। उन्होंने सवाल किया कि बीजेपी सरकार ने अब तक कौन सी नई मेट्रो लाइन बिछाई है? साथ ही तंज कसते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी ने बीजेपी के लोकसभा क्षेत्र में मेट्रो के लिए डीपीआर तक तैयार कर दी थी, लेकिन उसे मंजूरी नहीं दी गई।

यूजीसी नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद यह मुद्दा अब और भी राजनीतिक रूप से गरमा गया है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।