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वोटों की टार्गेटेड डकैती? अखिलेश यादव का बड़ा आरोप, फॉर्म-7 से कट रहे पीडीए के नाम

 

Lucknow : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने सोमवार को मतदाता सूची के स्पेशल इन्टेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग और भाजपा पर तीखा हमला बोला। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश ने कहा कि फॉर्म-7 के जरिए बड़े पैमाने पर फर्जी हस्ताक्षर कर लोगों के नाम काटे जा रहे हैं, जिनमें अधिकांश पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समुदाय के हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला करार देते हुए कहा कि भाजपा और प्रशासन के त्रिकोण ने नया तरीका निकाला है—पीडीए के लोगों को नोटिस देकर वोट कटवाना।

अखिलेश के प्रमुख आरोप 

- फॉर्म-7 में फर्जी दस्तखत कराए गए हैं। एक मामले में किसी व्यक्ति से पूछा गया कि उसके 6 बच्चे क्यों हैं, जिसके बाद उसका नाम कटवा दिया गया।  

- सपा विधायक की पत्नी समेत बाबागंज में 146 लोगों के नाम फर्जी हस्ताक्षर से कटवाए गए।  

- गोविंद राय के फर्जी हस्ताक्षर से 16 मतदाताओं के नाम हटाए गए।  

- कम से कम 100 मतदाताओं के नाम फॉर्म-7 से हटाए गए। भुरीपुरा विधानसभा के अतीक अहमद का भी वोट फॉर्म-7 भरकर कटवा दिया गया।  

- भाजपा की गुप्त बैठक में तय हुआ कि जहां-जहां सपा जीती है, वहां वोट कटवाए जाएंगे।  

- एक लाख से ज्यादा भाजपा कार्यकर्ता इस प्रक्रिया में लगे हुए हैं।  

- पीडीए के एक बूथ का विश्लेषण करने पर 76% नोटिस मिले, जिनमें 50% यादव और मुस्लिम हैं।  

अखिलेश ने कहा कि डेटा गलत नहीं बोलता। पीडीए के वोटों की टार्गेटेड डकैती हो रही है। पीछे कुछ लोग बैठे हैं, जिनसे डेटा साझा हो रहा है। फॉर्म-7 राजनीतिक पार्टियों से ज्यादा अज्ञात व्यक्तियों द्वारा भरे जा रहे हैं, जो सभी भाजपा से जुड़े बताए जा रहे हैं।

चुनाव आयोग पर सवाल  

अखिलेश ने कहा कि सपा ने शिकायत की, लेकिन चुनाव आयोग ने एक भी ठोस कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि अगर एक भी जिलाधिकारी पर कार्रवाई हो जाए तो SIR प्रक्रिया ठीक हो जाएगी। आजादी के बाद पहली बार ऐसा तंत्र बनाया गया है, जहां एक वर्ग दूसरे वर्ग के वोट फॉर्म-7 के माध्यम से कटवा रहा है। ECI, भाजपा और प्रशासन का त्रिकोण नया तरीका निकाल रहा है।

सरकार और अन्य मुद्दों पर निशाना  

अखिलेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सीएम कहते हैं कि 'गद्दी विरासत में मिल सकती है, लेकिन बुद्धि नहीं' और 'हम चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं'। इस पर अगली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। उन्होंने सोने-चांदी की कीमत, ट्रेड डील और एमओयू निवेश जैसे मुद्दों पर ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।