28 साल तक पढ़ाया केमिस्ट्री, फिर बना NEET पेपर लीक का मास्टरमाइंड! कौन है PV Kulkarni?
अमेरिका ने ISIS के ग्लोबल नेटवर्क पर बड़ा हमला करते हुए टॉप कमांडर अबू-बिलाल अल-मिनुकी को मार गिराने का दावा किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना और नाइजीरिया की फोर्स ने संयुक्त ऑपरेशन में इस मिशन को अंजाम दिया, जिससे आतंकवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है।
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किए गए पीवी कुलकर्णी को लेकर जांच एजेंसियों की पड़ताल तेज हो गई है। CBI इस पूरे मामले में कुलकर्णी को सबसे अहम कड़ी और संभावित मास्टरमाइंड मान रही है। पुणे से गिरफ्तारी के बाद अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया है और जल्द ही CBI कोर्ट में पेश किया जाएगा।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर एक रिटायर्ड केमिस्ट्री प्रोफेसर को NEET परीक्षा के गोपनीय पेपर तक पहुंच कैसे मिली और वह इस हाई-प्रोफाइल पेपर लीक नेटवर्क का हिस्सा कैसे बना?
28 साल तक प्रोफेसर और प्रिंसिपल रहा कुलकर्णी
मिली जानकारी के मुताबिक, पीवी कुलकर्णी ने करीब 28 वर्षों तक दयानंद कॉलेज में केमिस्ट्री पढ़ाई। वह कॉलेज में केमिस्ट्री प्रोफेसर रहने के बाद प्रिंसिपल के पद तक पहुंचा और करीब चार साल पहले रिटायर हुआ था।
अपने करियर के दौरान वह “DEEPER” नामक संस्था से भी जुड़ा रहा, जो शिक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करती थी। हालांकि लगभग दो साल पहले उसका संस्था से संबंध खत्म हो गया था। रिटायरमेंट के बाद कुलकर्णी फ्रीलांस आधार पर अलग-अलग कोचिंग संस्थानों में केमिस्ट्री पढ़ाने लगा था।
NTA से जुड़े होने का दावा
सूत्रों के अनुसार, पिछले दो वर्षों से कुलकर्णी National Testing Agency (NTA) के लिए कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर केमिस्ट्री एक्सपर्ट के तौर पर काम कर रहा था। जांच एजेंसियों को शक है कि वह उन विशेषज्ञों में शामिल था, जिन्होंने NEET 2026 का केमिस्ट्री पेपर तैयार किया था। यही वजह मानी जा रही है कि उसे परीक्षा के प्रश्नपत्र तक पहुंच मिली और उसी का फायदा उठाकर पेपर लीक नेटवर्क को संचालित किया गया।
पुणे में ऑनलाइन क्लास से जुड़ रहा कनेक्शन
जांच में सामने आया है कि इस मामले में गिरफ्तार दूसरी आरोपी मनीषा वाघमारे छात्रों को धनंजय लोखंडे और पीवी कुलकर्णी तक पहुंचाने का काम करती थी।
सूत्रों के मुताबिक, अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह में कुलकर्णी पुणे पहुंचा था और “राज कोचिंग क्लासेस” के नाम से ऑनलाइन क्लास संचालित की थी। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस क्लास में छात्रों को जो मॉक प्रश्न दिए गए थे, वही सवाल बाद में NEET 2026 परीक्षा में दिखाई दिए। CBI अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के जरिए कितने छात्रों तक पेपर पहुंचाया गया और इसके बदले कितनी रकम ली गई।
परिवार और निजी जीवन को लेकर भी जांच
पीवी कुलकर्णी के पारिवारिक बैकग्राउंड की भी जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार, उसका बड़ा बेटा विदेश में पढ़ाई कर रहा है, जबकि पत्नी और छोटे बेटे के बारे में फिलहाल ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है।
लातूर स्थित उसका बंगला किराए पर दिया गया था। किरायेदारों ने बताया कि कुलकर्णी से उनकी ज्यादा बातचीत नहीं होती थी। वहीं कुछ स्थानीय लोगों ने दावा किया कि वह पहले भी संदिग्ध गतिविधियों में शामिल रहा है, हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी CBI
CBI अब इस पूरे पेपर लीक सिंडिकेट की गहराई से जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रश्नपत्र किस स्तर पर लीक हुआ, इसमें कौन-कौन शामिल था और किन छात्रों को फायदा पहुंचाया गया।
अब तक कई शहरों में छापेमारी और गिरफ्तारियों के बाद जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि जल्द ही इस हाई-प्रोफाइल परीक्षा घोटाले से जुड़े और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।