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तेजस्वी यादव बने महागठबंधन विधायक दल के नेता, कांग्रेस बोली- एकजुट होकर...

 

बिहार की राजधानी पटना में तेजस्वी यादव के आवास पर आयोजित महागठबंधन की अहम बैठक में बड़ा निर्णय लिया गया। सभी दलों की सहमति से आरजेडी नेता तेजस्वी यादव को महागठबंधन विधायक दल का नेता चुना गया। कांग्रेस एमएलसी समीर सिंह ने बैठक के बाद इसकी आधिकारिक घोषणा की।

समीर सिंह ने कहा कि महागठबंधन अब सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगा और जनता से जुड़े मुद्दों पर संगठित होकर सरकार को घेरने का काम करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए ने "वोट चोरी" कर चुनाव जीता है और इस मुद्दे को विधानसभा के विशेष सत्र से लेकर जनता के बीच तक मजबूती से उठाया जाएगा।

सभी विधायकों ने तेजस्वी के नाम पर लगाई मुहर

बैठक में आरजेडी, कांग्रेस और वामदलों के सभी विधायकों ने एक स्वर में तेजस्वी यादव के नाम का समर्थन किया। इससे पहले भी तेजस्वी यादव बिहार की 17वीं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष को कैबिनेट मंत्री का दर्जा, सरकारी बैठकों में भागीदारी और महत्वपूर्ण फैसलों में शामिल होने का अधिकार प्राप्त होता है।

राघोपुर सीट से दर्ज की जीत

आरजेडी के मुख्यमंत्री पद के चेहरा रहे तेजस्वी यादव ने राघोपुर विधानसभा सीट से 14,532 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। उन्हें कुल 1,18,597 मत मिले। चुनाव परिणामों के शुरुआती रुझानों में वे आगे-पीछे होते रहे, लेकिन अंततः उन्होंने निर्णायक बढ़त बनाई।

महागठबंधन को मिली हार, सिर्फ 35 सीटों पर सिमटा

इस चुनाव में महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा और गठबंधन मात्र 35 सीटों पर सिमट गया।

  • आरजेडी – 25 सीटें

  • कांग्रेस – 6 सीटें

  • सीपीआई (माले) – 2 सीटें

  • माकपा – 1 सीट

  • इंडियन इन्क्लुसिव पार्टी – 1 सीट

वहीं, मुकेश सहनी की वीआईपी को एक भी सीट नहीं मिली। दूसरी ओर एनडीए ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 202 सीटों पर जीत दर्ज की।