तेजस्वी यादव हिरासत में, बस की छत पर चढ़े RJD कार्यकर्ता; BJP ऑफिस के बाहर जमकर नारेबाजी
पटना। बिहार में पेपर लीक के मुद्दे पर सियासी घमासान तेज हो गया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राजद नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में बुधवार को पेपर लीक के विरोध में लोक भवन की ओर मार्च निकाला गया। मार्च को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
मार्च के दौरान तेजस्वी यादव और मीसा भारती समेत राजद के कई नेताओं व कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने तेजस्वी यादव को बैरिकेडिंग के दूसरी ओर ले जाकर वाहन में बैठाया। मौके पर राजद कार्यकर्ताओं की भी बड़ी संख्या मौजूद रही।
'वाटर कैनन से नहीं रुकेगा आंदोलन'
वाटर कैनन के इस्तेमाल पर तेजस्वी यादव ने कहा कि यह कार्रवाई सम्राट चौधरी के आदेश पर की गई है। उन्होंने कहा कि वाटर कैनन के इस्तेमाल से आंदोलन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। जनता जाग चुकी है और सड़कों पर उतर आई है। उन्होंने कहा कि अब सरकार को झुकना ही पड़ेगा।
'जेल जाने से नहीं डरते'
हिरासत में लिए जाने के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि राजद का मार्च राजभवन तक जाना था, लेकिन उसे आयकर विभाग के पास ही रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि पार्टी सरकार के खिलाफ लगातार संघर्ष करती रहेगी।
तेजस्वी ने कहा कि छात्रों के अधिकार, बेरोजगारी, पेपर लीक पर रोक, पारदर्शी परीक्षाओं, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि वे जेल जाने से डरने वाले नहीं हैं और बिहार को आगे बढ़ाने के लिए आवाज उठाते रहेंगे।
भाई वीरेंद्र ने लगाए गंभीर आरोप
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने अधिकारों और न्याय की मांग को लेकर सड़क पर उतरे छात्र, युवा और जेन-जी के लोग निहत्थे थे। इसके बावजूद उन पर लाठियां चलाई गईं और गोली चलाने की बात कही गई।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कानून निहत्थे छात्रों और युवाओं के खिलाफ एके-47 के इस्तेमाल की अनुमति देता है। भाई वीरेंद्र ने सरकार से इस कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा।