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विपक्ष के नहीं, जनता के मन का संदेह दूर करे चुनाव आयोग... CEC ज्ञानेश कुमार विवाद पर चिराग पासवान की दो टूक
 

 

पटना। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने चुनाव आयोग से अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर यदि सवाल उठ रहे हैं तो आयोग, खासकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त को मजबूती से अपनी बात जनता के सामने रखनी चाहिए, ताकि लोगों के मन में किसी तरह का संदेह पैदा न हो।

पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान चिराग पासवान ने कहा कि सरकार का हिस्सा होने के नाते वह किसी व्यक्ति का बचाव नहीं करेंगे। उन्होंने चुनाव आयोग को एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था बताते हुए कहा कि यदि आयोग के कामकाज को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो उनका जवाब देना और स्थिति स्पष्ट करना भी आयोग की जिम्मेदारी है।

'विपक्ष के लिए नहीं, जनता के लिए स्थिति स्पष्ट करे आयोग'

चिराग पासवान ने कहा कि विपक्ष क्या आरोप लगाता है, इससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि आम जनता के मन में चुनावी प्रक्रिया को लेकर किसी तरह का अविश्वास पैदा न हो। उन्होंने कहा कि विपक्ष आरोप नहीं लगाएगा तो राजनीति कैसे करेगा, लेकिन चुनाव आयोग को विपक्ष को जवाब देने के बजाय जनता को विश्वास में लेने पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनावी प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा बेहद महत्वपूर्ण है। यदि चुनाव प्रक्रिया को लेकर ही लोगों के मन में संदेह पैदा होने लगे या उनका विश्वास कमजोर पड़े, तो यह उचित स्थिति नहीं होगी।

राहुल गांधी को जवाब देने से ज्यादा जनता का भरोसा जरूरी

चिराग पासवान ने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और उसके कामकाज को लेकर उठ रहे सवालों पर आयोग को स्वयं अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उनका कहना था कि आयोग को राहुल गांधी या किसी अन्य विपक्षी नेता को जवाब देने के लिए नहीं, बल्कि आम जनता के मन में पैदा हो रहे संदेह को दूर करने के लिए अपनी बात मजबूती से रखनी चाहिए।

यह बयान ऐसे समय आया है जब चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों और SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद चल रहा है। चुनाव आयोग ने हाल में स्पष्ट किया था कि बहुसदस्यीय आयोग में अलग-अलग राय, सुझाव और टिप्पणियां आना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं और अंतिम निर्णय सर्वसम्मति से लिए जाते हैं।

चिराग पासवान के मुताबिक, चुनावी प्रक्रिया में जनता का भरोसा बनाए रखना सभी पक्षों के लिए महत्वपूर्ण है और आयोग को उठ रहे सवालों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।